लखनऊ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ साल के पहले दिन शुक्रवार को लाईट हाउस प्रोजेक्ट (एलएचपी) का शिलान्यास करेंगे. इसके तहत लखनऊ के 1040 शहरी गरीबों को मात्र पौने पांच लाख रुपये में 415 स्क्वायर फिट एरिया का फ्लैट अगले साल सौंपा जाएगा.
इसकी कीमत 12 लाख 59 हजार होगी, इसमें केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से सात लाख 83 हजार रुपये अनुदान के रूप में दिए जाएंगे. शेष धनराशि चार लाख 76 हजार ईडब्ल्यूएस श्रेणी के लाभार्थी को देने होंगे. फ्लैट का आवंटन प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के अनुसार किया जाएगा और डूडा के माध्यम से डीएम की अध्यक्षता में खुली लॉटरी कराई जाएगी.

देश में छह राज्यों में ग्लोबल हाउसिंग टेक्नोलॉजी चैलेंज इंडिया (जीएचटीसी इण्डिया) की नींव और प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के वितरण कार्यक्रम में दिल्ली से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअली जुड़ेंगे. जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शहीद पथ स्थित अवध विहार योजना में सुबह 11 बजे प्रस्तावित प्रोजेक्ट से लाइव जुड़ेंगे. इस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ का संबोधन भी होगा. कार्यक्रम में प्रधानमंत्री कई कैटेगरी में अवार्डों की घोषणा भी करेंगे. इसके बाद एलएचपी का शिलान्यास किया जाएगा.

14 मंजिला होगा टावर

आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय भारत सरकार ने शहरी कमजोर वर्गों को ध्यान में रखते हुए छह राज्यों मध्य प्रदेश में इन्दौर, गुजरात में राजकोट, तमिलनाडु में चेन्नई, झारखण्ड में रांची, त्रिपुरा में अगरतला और उत्तर प्रदेश में लखनऊ को लाईट हाउस प्रोजेक्ट के तहत आवास बनाने के लिए चुना है. शहीद पथ स्थित अवध विहार योजना में बनने वाले एलएचपी का क्रियान्वयन 34.50 वर्ग मीटर कारपेट एरिया में किया जा रहा है. जिसके तहत 14 मंजिला टावर बनेगा और उसमें 1040 फ्लैट कमजोर वर्ग के लोगों को मिलेंगे.

15 माह में पूरा होगा निर्माण

प्रदेश सरकार भवन निर्माण सम्बन्धित अनुसंधान संस्थाओं, छात्रों, प्रौद्योगिक संस्थाओं, वास्तुविदों और अभियंताओं में नई तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा दे रही है. प्रोजेक्ट के क्रियान्वयन में नई तकनीक का प्रयोग किया जा रहा है, जिस कारण निर्माण कार्य करीब एक साल में पूरा हो सकेगा. एलएचपी निर्माण क्षेत्र को बदलकर रख देगा, क्योंकि यह निर्माण की एक नई गति का विकास करेगा और प्री फैब्रिकेटेड वस्तुओं के प्रयोग से निर्माण ज्यादा टिकाऊ और पर्यावरण अनुकूल होगा.

ये है सब्सिडी

12 लाख 59 हजार में भारत सरकार साढ़े पांच लाख रुपये अनुदान देगी. प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत डेढ़ लाख, टेक्निकल इनोवेशन ग्रांट (टीआईजी) के तहत चार लाख. जबकि राज्य सरकार की ओर से प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत एक लाख और टीआईजी के तहत एक लाख 33 हजार रुपये दिए जाएंगे.

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.