पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2020 को सम्पन्न हुए दो महीने होने को हैं. नई सरकार का गठन हो चुका है, एनडीए सरकार ने चुनावी वादों पर अमल करना भी शुरू कर दिया है. लेकिन, जीत के करीब जाकर शिकस्त पाने वाली आरजेडी ने अब भी सरकार बनाने की उम्मीद नहीं छोड़ी है. आरजेडी की इस उम्मीद को और बल बीजेपी और जेडीयू के बीच “ऑल इस नॉट वेल” की सुगबुगाहट से मिल रही है.
इसी कर में आरजेडी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को बड़ा ऑफर दिया है. आरजेडी के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधानसभा स्पीकर ने कहा कि अगर नीतीश कुमार तेजस्वी को मुख्यमंत्री बना दें तो उनको 2024 में प्रधानमंत्री के लिए विपक्षी पार्टियां समर्थन कर सकती हैं. आरजेडी के वरिष्ठ नेता द्वारा दिए गए इस बयान यह तो स्पष्ट है कि आरजेडी ने अब तक सरकार में आने की उम्मीद नहीं छोड़ी है, भले ही इसके लिए उसे वापस नीतीश कुमार से हाथ क्यों न मिलाना पड़े.
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, नई सरकार गठन को काफी दिन बीत चुका है लेकिन अब तक मंत्री मंडल का विस्तार नहीं हुआ है. वहीं, दूसरी तरफ अरुणाचल प्रदेश में बीजेपी ने जेडीयू के छह विधायकों को अपने पाले में शामिल कर लिया है. ऐसे में अरुणाचल की सियासी आंच बिहार तक पहुंचने लगी है. ऐसी चर्चा है कि बीजेपी और जेडीयू में सब कुछ ठीक नहीं है. हालांकि, दोनों ही दलों के नेता इस बात को सिरे से नकार रहे हैं और बिहार में एक साथ होने का दम भर रहे हैं. लेकिन आरजेडी ने इस मुद्दे को पकड़ लिया है और अब वो किसी भी तरह सत्ता में आने की जुगत में लग गयी है.
गौरतलब है कि 243 सीटों वाली बिहार विधानसभा में एनडीए ने 125 सीटों पर जीत हासिल की थी. इसमें 74 सीटों पर बीजेपी ने जीत दर्ज की थी जबकि जेडीयू ने केवल 43 पर जीत हासिल की थी. बीजेपी को जेडीयू से काफी ज्यादा सीटें मिली थीं. इसके बावजूद बीजेपी ने नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री स्वीकार किया क्योंकि उनके चेहरे पर ही पूरा चुनाव लड़ा गया था.
लेकिन नीतीश कैबिनेट में बीजेपी अपनी सीटों के अनुसार ज्यादा भागीदारी चाहती है और इस बात पर विवाद भी गहरा रहा है. जेडीयू अब बीजेपी को 2010 के चुनाव की याद दिला रही है. रविवार को पटना में आयोजित जेडीयू राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में जेडीयू के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह ने कहा कि आज जो लोग स्ट्राइक रेट की बात कर रहे हैं उन्हें 2010 का चुनाव याद करना चाहिए जब जेडीयू का स्ट्राइट रेट 90 फीसदी था.
आरसीपी सिंह ने कहा था कि जेडीयू का स्ट्राइक रेट अच्छा होने के बावजूद नीतीश कुमार ने उस वक्त कहा था कि विधानसभा चुनाव से पहले दोनों दलों के बीच जो तय हुआ था उसी के आधार पर मंत्री पद का बंटवारा होगा.

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