इस साल कोरोना संक्रमण की वजह से वाहन उद्योग की स्थिति अच्छी नहीं रही है. लेकिन नए साल में इसकी सेहत अच्छी रहेगी. ताजा स्टडी के मुताबिक मंदी की मार झेल रहे इस उद्योग को नए साल में नई रफ्तार मिल सकती है. नोमुरा रिसर्च की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि ऑटो इंडस्ट्री में अच्छी ग्रोथ दिख सकती है. अगले वित्त वर्ष के दौरान वाहन उद्योग कोरोना महामारी की मार से उबर जाएगा. खास कर दोपहिया और इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में ग्रोथ में दिख सकती है. हालांकि पर्सनल व्हीकल्स के मामले में इंडस्ट्री साल 2022-23 तक ही 2018-19 के लेवल तक आ पाएगी.
बीएस-6 और पर्यावरण मानकों की वजह से बढ़ेंगे वाहनों के दाम
नोमुरा ने कहा है बीएस-6 मानकों और दूसरे नियमों की वजह से वाहन निर्माता कंपनियां अपने प्रोडक्ट के दाम बढ़ा सकती हैं . कारों और बाइक की कीमतों में इजाफा हो सकता है. नोमुरा रिसर्च की रिपोर्ट के मुताबिक लॉकडाउन की वजह से वाहनों की बिक्री में कमी दर्ज हुई है. लेकिन नए साल में पर्सनल व्हीकल की बिक्री बढ़ जाएगी. इस संक्रमण काल में लोग सावधानी बरत रहे हैं और सार्वजनिक वाहनों का इस्तेमाल करने से बच रहे हैं. रिसर्च के मुताबिक देश में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में अगले वित्त वर्ष में जबरदस्त तेजी आने की उम्मीद है, खासकर टू-व्हीलर सेक्शन में खासी रफ्तार देखने को मिलेगी. इस सेक्शन में ओला इलेक्ट्रिक जैसे कई नए खिलाड़ी आ रहे हैं.
बैटरी मैन्यूफैक्चरिंग में भी आएगी तेजी
इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री की वजह से बैटरी मैन्यूफैक्चरिंग में भी काफी तेजी आने की उम्मीद है. कई कंपनियां देश में लिथियम टाइटेनियम ऑक्साइड यानी LTOआधारित बैटरी बनाने के लिए विदेशी कंपनियों से साझेदारी में लगी हैं. LTO बैटरी चार्जिंग में काफी कारगर साबित होती है. दुनिया भर में लिथियम बैटरी पर भारी निवेश हो रहा है. भारत में इसके प्रोडक्शन में तेजी आने से इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री को नई रफ्तार मिल सकेगी.
 

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