जम्मू कश्मीर जिला परिषद चुनाव के अब तक मिले नतीजों के मुताबिक, गुपकार गठबंधन ने 25 सीट पर जीत दर्ज की है जबकि वे 95 पर आगे है. बीजेपी 5 पर जीत दर्ज की है जबकि वे 54 पर आगे है. कांग्रेस ने अब तक 4 सीट जीती है और वे 19 पर आगे है. अन्य ने 8 सीट जीती है जबकि 56 पर आगे है.
श्रीनगर की खांमोह सीट से इंजीनियर ऐजाज और बांदीपुर की तुलेल से एजाज अहमद खान चुनाव जीते हैं तो वहीं पुलवामा की काकपुरा सीट से बीजेपी उम्मीदवार मिन्हा लतीफ ने विपक्षी उम्मीदवार को करारी शिकस्त दी है. ये जीत बीजेपी के लिए काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
इससे पहले, श्रीनगर के जिला चुनाव अधिकारी डॉ. शाहन चौधरी ने कहा, “श्रीनगर में 14 DDC सीटों में से, 7 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत हासिल की है, 3 सीटों पर अपनी पार्टी विजयी हुई है, और एक-एक सीट पर बीजेपी, पीडीपी, नेशनल कॉन्फ्रेंस, जम्मू और कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट जीती हैं.”
कुछ सीटों पर बीजेपी बढ़त बनाए हुई है तो अन्य कई सीटों पर पार्टी के उम्मीदवारों को मिले वोट उत्साहजनक हैं. जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद पहली बार हुए चुनाव में बीजेपी को मिली इस सफलता को काफी अहम माना जा रहा है.
कश्मीर केन्द्रित मुख्य धारा की 7 राजनीतिक पार्टियों ने गुपकर घोषणा पत्र गठबंधन (पीएजीडी) के बैनर तले चुनाव लड़ा था. इन पार्टियों में नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी भी शामिल हैं. शुरुआत में कांग्रेस भी पीएजीडी का हिस्सा थी, लेकिन बाद में उसने गठबंधन से दूरी बना ली क्योंकि भाजपा ने विपक्षी दलों को ”गुपकर गैंग कहते हुए निशाना साधा था.
चुनाव परिणाम पर बीजेपी नेता शाहनवाज हुसैन ने कहा, ”बीजेपी ने एजाज हुसैन की जीत के साथ कश्मीर घाटी में खाता खोल लिया है. हम घाटी में कई और सीटों पर आगे चल रहे हैं. यह दिखाता है कि कश्मीर घाटी के लोग विकास चाहते हैं.”
डीडीसी के चुनाव में 2178 उम्मीदवार मैदान में हैं. डीडीसी की 280 सीटों के लिए आठ चरण में चुनाव कराए गए. केंद्र शासित प्रदेश के 20 जिलों में प्रत्येक में 14 सीटें हैं. डीडीसी चुनाव को क्षेत्र में भाजपा और अन्य राजनीतिक दलों के बीच मुकाबले के तौर पर देखा जा रहा है. पिछले साल अगस्त में अनुच्छेद 370 को निरस्त किए जाने के बाद जम्मू कश्मीर में यह पहला चुनाव है. पहले चरण का मतदान 28 नवम्बर को हुआ था और आठवें एवं अंतिम चरण का मतदान 19 दिसंबर को हुआ.

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