दिसंबर (2020) के पहले पखवाडे़ में डीजल की बिक्री में, पिछले साल की समान अवधि में 5.2 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई. हालांकि इस दौरान पेट्रोल की बिक्री में 9.5 फीसदी की ग्रोथ दर्ज की गई. डीजल की बिक्री में नवंबर के पहले पखवाड़े की तुलना में दिसंबर के पहले पखवाड़े में 3.4 फीसदी की गिरावट आई. जबकि इस अवधि में पेट्रोल की बिक्री 1.6 फीसदी बढ़ गई . इंटरनेशनल ट्रैवल में प्रतिबंध की वजह से जेट फ्यूल की बिक्री में 47 फीसदी गिरावट दर्ज की गई.
कॉमर्शियल वाहनों से ढुलाई में कमी का असर 
डीजल की खपत में कमी कॉमर्शियल ट्रांसपोर्ट, इंडस्ट्री और फार्म सेक्टर में घटती आर्थिक गतिविधियों का संकेत देती हैं. रिफाइंड पेट्रोलियम प्रोडक्ट में डीजल की हिस्सेदारी 40 फीसदी है. मार्च में लॉकडाउन लगने के बाद अक्टूबर को छोड़ कर अब तक हर महीने डीजल की बिक्री में गिरावट दर्ज की गई है. दरअसल फेस्टिवल सीजन में कंज्यूमर गुड्स की स्टॉकिंग के लिए अक्टूबर में माल ढुलाई बढ़ गई थी. लिहाजा कॉमर्शियल वाहनों से माल ढोने में रफ्तार आने की वजह से डीजल की खपत और बिक्री में भी इजाफा हुआ. दिवाली के बाद उपभोक्ता सामानों की मांग में कमी होने की वजह से माल ढुलाई कम हो गई है. इस वजह से भी डीजल की बिक्री में कमी आई है.
निजी वाहनों की बिक्री से पेट्रोल की बिक्री में इजाफा 
नवंबर में निर्यात में कमी आई है. इसका भी असर डीजल की बिक्री पर पड़ा है. इसके उलट पेट्रोल की बिक्री में रिकवरी ज्यादा तेज हुई है. चूंकि लोगों ने कोरोनावायरस की वजह से सार्वजनिक वाहनों का इस्तेमाल करना कम किया है और निजी वाहनों की खरीदारी बढ़ी है इसलिए भी पेट्रोल की बिक्री में इजाफा दर्ज हुआ है.

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