मिर्जापुर : जिले की लालगंज थाना क्षेत्र के बामी गांव के तीन बच्चों की हत्या का अभी तक खुलासा न होने पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताई है. सीएम की चेतावनी के बाद एक बार फिर अधिकारियों की गांव में दौड़ शुरू हो गई है. पीड़ित परिवार ने एक दिन पहले मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी. मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद वाराणसी जोन के एडीजी गांव पहुंचकर परिजनों से बात की.
फिर से गांव पहुंचे एडीजी
वाराणसी जोन एडीजी बृजभूषण बुधवार देर शाम लालगंज बामी गांव पहुंचे. उन्होंने पहले परिजनों से बात की और घटना का जल्द खुलासा करने की बात कही. इसके बाद एडीजी अष्टभुजा गेस्ट हाउस में पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की और घटना को लेकर अबतक हुई जांच की समीक्षा की. कड़ी चेतावनी देते हुए उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कहा कि मामले का जल्द खुलासा करे. हालांकि घटना को लेकर पुलिस अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है.
एक्शन में आई पुलिस
मंगलवार को मृतक बच्चों के परिजनों ने विधायक के साथ मुख्यमंत्री से मिलकर हत्या का खुलासा करने, सुरक्षा के साथ परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की थी. मामले में अबतक कोई आरोपी पकड़ा नहीं गया. जिसपर सीएम की नाराजगी को देखते हुए आनन-फानन में पुलिस अधीक्षक ने थानाध्यक्ष, चौकी प्रभारी समेत चार को लाइन हाजिर कर दिया है. आईजी पीयूष श्रीवास्तव, एसपी अजय कुमार सिंह के साथ बामी गांव पहुंचे एडीजी जोन ने परिजनों से बात कर उनको सुरक्षा का भरोसा दिलाया और परिजनों को आश्वासन दिया कि अपराधियों को पकड़ने का अभियान और तेज किया जाएगा.

मुख्यमंत्री ने दिया है आश्वासन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर वापस आए पीड़ित श्याम नारायण तिवारी ने बताया कि मंगलवार को सीएम से मिलकर परिवारों वालो को सरकारी नौकरी, सुरक्षा के लिए असलहे का लाइसेंस दिए जाने और आर्थिक सहयोग राशि बढ़ाने की मांग की गई थी. मुख्यमंत्री ने सभी मांगे पूरी करने का आश्वासन दिया है.

जानें क्या है पूरा मामला

बता दें कि बीते एक दिसंबर को तीन बच्चे जंगल में बेर खाने गए थे, लेकिन वे वापस नहीं लौटे. 2 दिसंबर को परिजनों ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी. उसी दिन तीनों बच्चों के लेहड़िया बंधे में शव बरामद हुआ था. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चोट के निशान आने से हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था. तब से लेकर अभी तक एसआईटी, एसटीएफ और लोकल पुलिस लगातार अपराधियों को पकड़ने का प्रयास कर रही है फिर भी पुलिस के हाथ खाली हैं. पीड़ित परिजन मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी पीड़ा बताई, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने मामले का संज्ञान लेते हुए पुलिस से तुरंत कार्रवाई का निर्देश दिया है.

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