बांदाः नाबालिग बच्चों से यौन शोषण कर पोर्नोग्राफी के आरोपी जेई को किसी तरह की राहत मिलती नहीं दिखाई दे रही है. सीबीआई शिकंजे में पूरी तरह जकड़े आरोपी जेई रामभवन को पिछले 20 नवम्बर से कोरोना होने के चलते अभी तक जेल अस्पताल में ही आइसोलेशन में रखा गया था. सोमवार को मामले की कोर्ट में पेशी थी. जहां सीबीआई की छह सदस्यीय टीम एक बार फिर कोर्ट पहुंची.
सीबीआई ने दायर किए चार प्रार्थना पत्र
मामले को लेकर कोर्ट में दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं ने अपना-अपना पक्ष रखा. सीबीआई की तरफ से कोर्ट में चार प्रार्थना पत्र दाखिल किए गए. जिस पर दो प्रार्थना पत्रों में कोर्ट ने सीबीआई को हरी झंडी दे दी, वहीं दो अन्य प्रार्थना पत्रों को लेकर इनकी सुनवाई 17 दिसंबर को कोर्ट में होगी. वहीं आरोपी जेई की 21 दिसंबर तक कोर्ट ने न्यायिक हिरासत भी बढ़ा दी है.
17 दिसम्बर को फिर होगी सुनवाई
गौरतलब है कि चित्रकूट में सिंचाई विभाग में जेई के पद पर तैनात रामभवन को सीबीआई ने पिछले माह गिरफ्तार किया था. जिसमें बाद में जेई को निलंबित कर दिया गया था. आरोपी जेई पर 50 से अधिक नाबालिग बच्चों से यौन शोषण करने और इस कुकृत्य के अश्लील वीडियो और फोटो डार्क वेब के जरिये विदेशो में बेचे जाने के संगीन आरोप हैं.
21 दिसंबर तक बढ़ी न्यायिक हिरासत
मामले में सीबीआई ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायलय से 5 दिन की रिमांड भी ली थी. सोमवार को मामले की पेशी थी. जहां आज मामले में एक बार फिर से सुनवाई हुई. जिसमें कोर्ट ने आरोपी की 21 दिसंबर तक की न्यायिक हिरासत बढ़ा दी है.
सीबीआई ने मांगा कोर्ट से रिमांड
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता मनोज दीक्षित ने बताया कि सीबीआई ने चार प्रार्थना पत्र कोर्ट में दाखिल किए. जिसमें पहले प्रार्थना पत्र में कस्टडी बढाने की मांग की थी. जिस पर न्यायालय ने तत्काल स्वीकृति दे दी. वहीं दूसरे प्रार्थना पत्र में सीबीआई को इस मामले की जांच के दैरान मिले कुछ साक्ष्यों को लेकर जेल में जाकर पूछताछ करने और जांच करने की मांग की थी. जिसको लेकर कोर्ट ने सीबीआई को स्वीकृति दे दी. वहीं दो अन्य प्रार्थना पत्रों को लेकर कोर्ट ने 17 दिसंबर को अगली तारीख तय की है. सीबीआई ने कोर्ट को बताया है कि इस मामले की जांच के दौरान आरोपी जेई रामभवन के कुछ वीडियो और ऑडियो मिले हैं. जेई के ऑडियो सैंपल लेने और दिल्ली एम्स में ले जाकर मानसिक जांच कराए जाने की भी सीबीआई ने मांग की है. फिलहाल अब देखना होगा कि 17 दिसंबर को सीबीआई की तरफ से डाले गए इन प्रार्थना पत्रों में कोर्ट क्या फैसला देता है.

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