देश की राजधानी नई दिल्ली की सीमाओं पर नए कृषि कानूनों के विरोध में किसानों का प्रदर्शन लगातार जारी है। किसान संगठनों और सरकार के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है लेकिन अबतक कोई हल नहीं निकला है। शुक्रवार को कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने एकबार फिर किसान संगठनों से बातचीत के जरिए मुद्दे सुलझाने का निवेदन किया।
वहीं दूसरी तरफ किसान संगठन अपने आंदोलन को और धार देने की तैयारी में हैं। किसान संगठनों ने न सिर्फ नए कृषि कानूनों की वापसी के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है बल्कि सरकार पर दबाव बनाने के लिए शनिवार को देशभर टोल फ्री करवाने और जयपुर-दिल्ली हाईवे बंद करवाने का दावा किया है।
कृषि कानूनों पर उपजे भ्रम को दूर करने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने भी रणनीति बनाई है। भाजपा ने ग्रामीण क्षेत्रों में चौपाल लगाने सहित देशव्यापी कार्यक्रमों की एक विस्तृत रूपरेखा तय की है ताकि किसानों को इन कानूनों से होने वाले फायदों के बारे में अवगत कराया जा सके। भाजपा सूत्रों के मुताबिक पार्टी की ओर से देश भर के 700 से अधिक जिलों में संवाददाता सम्मेलन और जन सभा सहित कई कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
किसानों के आंदोलन को विभिन्न विपक्षी दलों की ओर से समर्थन दिए जाने और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर हमले किए जाने के बाद भाजपा ने इन कार्यक्रमों की रूपरेखा बनाई है। भाजपा ने विपक्षी दलों पर कृषि सुधार कानूनों के बारे में किसानों को भ्रमित करने का आरोप लगाया है और कहा कि राजनीति स्वार्थों की सिद्धि के लिए वे किसानों को उकसा रहे हैं।

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