जयपुर: राजस्थान में निकाय चुनावों कांग्रेस पार्टी की हार के बाद गहलोत सरकार को समर्थन दे रही भारतीय ट्राइबल पार्टी (BTP) ने एक तरह से समर्थन वापसी के साफ संकेत दे दिए हैं। सागवाड़ा विधानसभा सीट से BTP के विधायक राम प्रसाद ढिल्लो ने कहा है कि कांग्रेस को उनकी पार्टी के समर्थन की जरूरत नहीं है और इसलिए उन्हें भी कांग्रेस की जरूरत नहीं है। BTP के 2 विधायक है और पार्टी ने गहलोत सरकार को समर्थन दिया हुआ है। BTP की समर्थन वापसी गहलोत  सरकार के लिए झटका साबित हो सकती है।
दोनों दलों के बीच आई खटास की सबसे बड़ी वजह डूंगरपुर जिला परिषद का चुनाव है जहां जिला प्रमुख के पद पर बीटीपी समर्थित उम्मीदवार को कांग्रेस का समर्थन नहीं मिलने की वजह से हार का मुंह देखना पड़ा। कांग्रेस के पार्षदों ने बीजेपी का समर्थन कर दिया जिसका नतीजा यह हुआ कि डूंगरपुर में जिला परिषद की 27 सीटों में से मात्र 8 सीटें जीतनेवाली बीजेपी का परिषद का अध्यक्ष निर्वाचित हुआ जबकि सबसे ज्यादा (13) सीटें जीतनेवाली बीटीपी को हार का मुंह देखना पड़ा।
कांग्रेस की इस हरकत से बीटीपी के अंदर गहरी नाराजगी उपजी और अंतत: पार्टी ने गहलोत सरकार से समर्थन पर कहा है कि उन्हें कांग्रेस की जरूरत नहीं है। 200 सदस्यों वाली राजस्थान विधानसभा में बीटीपी के दो विधायक हैं। दोनों विधायकों ने गहलोत सरकार का समर्थन करने के साथ ही राज्यसभा चुनाव में भी कांग्रेस का साथ दिया था। हालांकि BTP के समर्थन वापस  लेने से फिलहाल कांग्रेस सरकार को खतरा नहीं होगा लेकिन कांग्रेस पार्टी के खुद के विधायक पहले भी बगावत कर चुके हैं, ऐसे में BTP का दांव कांग्रेस पर भारी पड़ सकता है।
राजस्थान में 221 पंचायत समितियों में प्रधान और 20 जिला परिषदों में जिला प्रमुख का चुनाव बृहस्पतिवार को हुआ। भाजपा 12 जिला परिषदों में अपनी पार्टी के जिला प्रमुख बनाने में सफल रही है जबकि पांच जगह कांग्रेस के जिला प्रमुख बने हैं। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार 20 जिला परिषद में से 12 में भाजपा, पांच में कांग्रेस व तीन में निर्दलीय उम्‍मीदवार जिला प्रमुख बने हैं।

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