dalchiniजी हां दालचीनी स्वाद और सुगंध से ही नही सेहत से भी भरपूर है। हमारे खानपान की सभी वस्तुओं में दवा की भांति कुछ न कुछ गुण मौजूद हैं। इनमें मसाले सिरमौर हैं। दालचीनी को मसाले की श्रेणी में रखा गया है। यह खानपान का स्वाद एवं उसमें सुगंध बढ़ाने के लिए प्रयुक्त की जाती है। यह सीधे तौर पर अनेक रोगों में दवा की भांति काम करती है। दालचीनी उष्णकटिबंधीय एक सदाबहार वृक्ष की छाल है। इसका पेड़ 10 से 15 मीटर ऊंचा होता है। यह समुद्र के किनारे या छोटे द्वीपों में बहुतायत में पायी जाती है। दालचीनी चबाने या पाउडर की एक चुटकी लेने से पेट फूलने, दस्त, खांसी व सर्दी में लाभ मिलता है। प्रतिदिन नाश्ते से पूर्व एक चम्मच दालचीनी पाउडर लेने से जोड़ों के दर्द एवं गठिया की परेशानी से माह भर के भीतर पूर्ण राहत मिल जाती है। यह चाय, दूध एवं चावल के व्यंजनों के साथ विशेष रूप से उपयोग की जाती है। दालचीनी रक्त शर्करा, कोलेस्ट्राल एवं ट्राईग्लिसराइड के स्तर को कम करने में सबसे बढिय़ा सहायक है। यह हल्की मीठी व संगुधित होती है।

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