नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को बताया कि मणिपुर के थौबल जिले में नोंगपोसेक्‍मी को सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले थाने के तौर पर चुना गया है. इसके बाद तमिलनाडु के सलेम सिटी में एडब्‍ल्‍यूपीसी- सुरामंगलम थाना और अरुणाचल प्रदेश के चांगलांग खारसांग थाने को चुना गया है .
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वर्ष 2020 के लिए देश के 16671 थानों में से 10 शीर्ष पुलिस थाने चुने गए हैं. शीर्ष पुलिस थानों में इसके बाद क्रमवार छत्तीसगढ़ में सूरजपुर झिलमिल (भैया थाना), गोवा में संगुइम, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में कालीघाट, सिक्किम में पूर्वी पाकयोंग, उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में कांठ, दादर और नगर हवेली में खानवेल और तेलंगाना के करीमनगर जिले का जम्मीकुंटा टाउन थाना शामिल हैं .
गृह मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया, ‘‘केंद्र सरकार प्रतिवर्ष देश में बेहतर प्रदर्शन करने वाले पुलिस थानों का चयन करती है ताकि उनके काम-काज को प्रभावी बनाने की दिशा में प्रोत्‍साहित कर उनके बीच स्‍वस्‍थ प्रतिस्‍पर्धा विकसित की जा सके. ’’
प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने गुजरात के कच्‍छ में वर्ष 2015 में पुलिस महानिदेशकों की बैठक को संबोधित करते हुए जो निर्देश दिए थे, यह उन्‍हीं के अनुरूप है. प्रधानमंत्री ने कहा था कि पुलिस थानों के चयन के लिए उपयुक्‍त मानकों को बनाया जाना चाहिए और लोगों से थानों के बारे में प्राप्‍त प्रतिक्रि‍या के आधार पर उनके प्रदर्शन का आकलन किया जाए.
डीजीपी और आईजीपी के 55 वें वार्षिक सम्मेलन के दौरान बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले 10 पुलिस थानों के नामों की घोषणा की गयी. कोरोना वायरस महामारी के बीच पहली बार इस सम्मेलन का आयोजन डिजिटल तरीके से किया जा रहा है.
बयान के मुताबिक, गृह मंत्रालय ने इस वर्ष चुनौतीपूर्ण स्थितियों के बीच सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले पुलिस थानों के लिए सर्वेक्षण किया था. कोरोना महामारी की वजह से आवागमन संबंधी विभिन्‍न प्रतिबंधों के मद्देनजर सुदूरवर्ती क्षेत्रों में स्थित पुलिस थानों तक पहुंच पाना काफी कठिन कार्य रहा है. सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही यह सर्वेक्षण करवाया गया.
केन्‍द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, ‘‘देश के हजारों पुलिस थानों में से जिन थानों का चयन किया गया है, वे छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में हैं. जिन थानों को शीर्ष 10 थानों की श्रेणी में रखा गया है यह बात उनके लिए भी सत्‍य है. यह दर्शाता है कि संसाधनों की उपलब्‍धता एक अहम कारक है, लेकिन सबसे अधिक अहम बात हमारे पुलिस जवानों की प्रतिबद्धता और उनकी ईमानदारी है जिसकी वजह से वे अपराध की रोकथाम कर देश के प्रति सेवा करते हैं. ’’
ये है आधार
देश के 16,671 पुलिस थानों में से आंकड़ों के विश्‍लेषण, प्रत्‍यक्ष अवलोकन और जनता से मिली प्रतिक्रिया के आधार पर 10 शीर्ष थानों का चयन किया गया.
रैकिंग के लिए सम्‍पत्ति संबंधी अपराध,महिलाओं के प्रति अपराध, समाज के कमजोर वर्गों के प्रति अपराध जैसे मामलों में प्रदर्शन के आधार पर थानों के नामों की अंतिम सूची बनाने की शुरुआत की गयी.
गृह मंत्रालय ने कहा कि प्रत्‍येक राज्‍य में सबसे बेहतर पुलिस थानों की सूची बनाने के बाद रैंकिंग प्रक्रिया आरंभ की गई. सभी राज्‍यों और दिल्‍ली से दो थानों का चयन, प्रत्‍येक केंद्र शासित प्रदेश से एक थाने का चयन किया गया. रैंकिंग प्रक्रिया के अगले चरण के लिए 75 पुलिस थानों को चुना गया.
अंतिम चरण में, सेवा वितरण के मानकों का मूल्यांकन करने और पुलिस व्यवस्था में सुधार की तकनीकों की पहचान करने के लिए 19 मापदंडों की पहचान की गई थी.
 

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