पुणे (महाराष्ट्र): भारत में कोरोना वायरस की बन रही वैक्सीन के काम का जायजा लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की तीन प्रयोगशालाओं का दौरा किया। वह शनिवार को सबसे पहले अहमदाबाद पहुंचे और जाइडस कैडिला के प्लांट में कंपनी के टीके की समीक्षा की, यह समीक्षा डेढ़ घंटे चली।
पीएम मोदी इसके बात हैदराबाद पहुंचे और भारत बायोटेक के प्लांट में टीके पर काम की समीक्षा की तथा दिन के अंत में वह पुणे पहुंचे। यहां सीरम इंस्टीट्यूट है, पीएम मोदी ने यहां के शोधकर्ताओं और वैज्ञानिकों से बात कर वैक्सीन निर्माण के काम की समीक्षा की। सीरम इंस्टीट्यूट ने कोविड-19 टीके के लिए वैश्विक दवा निर्माता कंपनी एस्ट्राजेनेका और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के साथ साझेदारी की है।
अहमदाबाद से की दिन की शुरुआत
पीएम मोदी शनिवार को सबसे पहले अहमदाबाद पहुंचे। प्रधानमंत्री मोदी टीका विकास की जानकारी लेने के लिए हवाई अड्डे से अहमदाबाद के नजदीक स्थित फार्मास्युटिकल कंपनी जाइडस कैडिला के संयत्र में गए और यहां उन्होंने कोरोना वायरस के टीके को लेकर तैयारियों की समीक्षा की। अहमदाबाद शहर से करीब 20 किलोमीटर दूर चांगोदर औद्योगिक क्षेत्र में स्थित इस संयंत्र में प्रधानमंत्री का सुबह करीब साढ़े नौ बजे से एक घंटे रहने का कार्यक्रम तय था।
इसके बाद पीएम मोदी हैदराबाद के लिए रवाना हो गए। उल्लेखनीय है कि जाइडस कैडिला ने कोविड-19 के खिलाफ जाइकोव-डी नामक संभावित टीके का विकास किया है जिसके पहले चरण का क्लीनिकल परीक्षण पूरा हो चुका है और कंपनी ने अगस्त से दूसरे चरण का परीक्षण शुरू किया था।
अहमदाबाद से हैदराबाद पहुंचे प्रधानमंत्री
कोविड-19 की रोकथाम के टीके के विकास की समीक्षा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को अहमदाबाद से यहां पहुंचे। हैदराबाद के हकीमपेट वायु सेना केंद्र पर उतरने के बाद तेलंगाना के मुख्य सचिव सोमेश कुमार, पुलिस महानिदेशक और अन्य अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। फिर प्रधानमंत्री वायु सेना केंद्र से करीब 20 किलोमीटर दूर जीनोम वैली स्थित भारत बायोटेक की इकाई गए और टीके के विकास के कार्यों का जायजा लिया। गौरतलब है कि भारत बायोटेक कोविड-19 की रोकथाम के लिए संभावित टीके कोवैक्सिन का विकास भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) और राष्ट्रीय विषाणुविज्ञान संस्थान के साथ मिलकर कर रहा है, जिसका तीसरे चरण का परीक्षण चल रहा है।
हैदराबाद से पुणे गए पीएम मोदी
हैदराबाद में जीनोम वैली स्थित भारत बायोटेक की बीएसएल-3 (जैव-सुरक्षा स्तर 3) इकाई में टीके का विकास किया जा रहा है और यहीं इसका उत्पादन किया जाएगा। प्रधानमंत्री ने वैज्ञानिकों और कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों से कोवैक्सिन के बारे में जानकारी प्राप्त की। भारत बायोटेक के संयंत्र में करीब एक घंटा बिताने के बाद पीएम मोदी पुणे रवाना हो गए। यहां उन्हें सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) जाकर वैज्ञानिकों से टीके के बारे में जानकारी लेनी थी।

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