नवरात्र का द्वितीया (दूज) को उनके ब्रह्मचारिणी स्वरूप के नाम से जाना जाता है । माता ब्रह्मïचारिणी पूजन-जप कर अपनी मनोकामनाएं पूर्ण कर सकते हैं। माता ब्रह्मचारिणी का मंत्र इस प्रकार है- ब्रह्म चारिण्यै नम: यथाशक्ति जप करें। जिनका भाग्य सो गया हो, वे माता की कृपा प्राप्त कर अपने को सौभाग्यशाली बना सकते हैं।brmcharini

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