अयोध्या: कार्तिक मास की पवित्र अक्षय नवमी तिथि को राम नगरी अयोध्या में 14 कोसी परिक्रमा शुरू हो गई है. कोविड-19 प्रोटोकाल के कारण इस वर्ष परिक्रमा करने के लिए बाहरी श्रद्धालुओं को अनुमति नहीं दी गई है. जिसके कारण परिक्रमा के दौरान पिछले वर्षो की अपेक्षा इस बार भीड़ कम दिख रही है.
श्रद्धालुओंने की परिक्रमा
परिक्रमा में शामिल शिव शंकर तिवारी ने बताया कि “पहले की अपेक्षा इस वर्ष व्यवस्था काफी अच्छी थी. मन में पूरे विश्व से कोरोना की समाप्ति की कामना को लेकर हमने परिक्रमा की है. भगवान सभी की रक्षा करें. परिक्रमा में शामिल लव कुश तिवारी ने कहा कि कोरोना संक्रमण के खतरे के कारण इस बार प्रतिबंध था. इसलिए भीड़ कम थी फिर भी व्यवस्था बहुत अच्छी थी. परिक्रमा में शामिल लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए परिक्रमा कर रहे हैं. इस बार भीड़ नहीं है इसलिए कोई खतरा नहीं लग रहा है.”
‘राम लला की कृपा से समाप्त होगी कोरोना की बीमारी’
14 कोसी परिक्रमा के शुरुआती दौर में काफी कम संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए, लेकिन दिन चढ़ने के साथ भीड़ बढ़ रही है. परिक्रमा कर रहे मिल्कीपुर से भाजपा विधायक बाबा गोरखनाथ ने कहा कि “जिला प्रशासन ने जो अपील पूरे देश भर के श्रद्धालुओं से की है. उसका असर दिखाई दे रहा है. परिक्रमा में बाहर से श्रद्धालु नहीं आए हैं. जो श्रद्धालु परिक्रमा कर भी रहे हैं वह कोविड-19 प्रोटोकोल का पूरा पालन कर रहे हैं. जय श्री राम का जयघोष करते हुए हम सभी परिक्रमा कर रहे हैं. पूरे विश्व से कोरोना वायरस खत्म होने की कामना सभी के मन में है. अयोध्या वासियों के ऊपर भगवान राम की विशेष कृपा पहले से ही है.”
जिला प्रशासन की अपील का श्रद्धालुओं पर दिखा असर
प्रत्येक वर्ष राम नगरी अयोध्या में होने वाली 14 कोसी परिक्रमा में 20 लाख से अधिक श्रद्धालु शामिल होते रहे हैं. इस वर्ष कोरोना संक्रमण के खतरे के कारण जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की थी कि वह अपने घरों से ही इस पवित्र आयोजन में भगवान के प्रति अपनी श्रद्धा निवेदित करें. राम नगरी अयोध्या में आकर भीड़ का हिस्सा ना बने, जिसका असर देखने को मिला है. बहुत सीमित संख्या में श्रद्धालु राम नगरी अयोध्या में परिक्रमा करने पहुंचे हैं. शांतिपूर्ण ढंग से परिक्रमा चल रही है.

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