लखनऊ: रविवार को राजधानी में गोपाष्टमी पर्व बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया. मलिहाबाद की श्रीगोपेश्वर गौशाला में गौ पूजन हवन कर इस पर्व की शुरुआत की गई. इस अवसर पर गाय, गाय के गोबर और गोमूत्र से बने पदार्थों का स्टॉल भी लगाया गया. इस पर्व पर संदेश दिया गया कि गाय हमारी माता के साथ-साथ एक स्वस्थ समाज की जन्मदाता भी है.
धूमधाम से मनाया जाता है गोपाष्टमी पर्व
श्रीगोपेश्वर गौशाला मलिहाबाद में पिछले 20 वर्षों से लगातार गोपाष्टमी पर्व बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है. इस कार्यक्रम में क्षेत्र के सैकड़ों लोग गौ पूजन कर गौमाता का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं.

सप्त गौ परिक्रमा का विशेष महत्व
सनातन धर्म में गाय को माता की संज्ञा दी गई है. गोपाष्टमी पर्व के पुनीत अवसर पर सप्त गौ परिक्रमा का विशेष महत्व होता है. गौशाला परिवार द्वारा 7 गायों की परिक्रमा का विधान बनाया गया है. इसमें सैकड़ों लोग गौ परिक्रमा करते हैं. गौ परिक्रमा करने से सप्त ऋषियों का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है.

गौमूत्र और गोबर से बने पदार्थों का लगा स्टॉल
गौशाला परिवार ने गौमूत्र और गोबर से बने पदार्थों का स्टॉल लगाया. इसके अंतर्गत गौमूत्र से बने गोअर्क गोनायल और गोबर से बने स्वास्तिक दीपक और भगवान की मूर्तियां के साथ ही विभिन्न प्रकार के पदार्थों को लगाया गया.

जिला गौसेवा प्रभारी उमाकांत गुप्ता ने बताया कि गोपाष्टमी पर्व पर गाय माता के पूजन का विशेष प्रावधान है. उन्होंने कहा कि आज के समाज को गाय की उपयोगिता समझकर गौ संवर्धन पर विशेष ध्यान देना होगा, जिससे हमारे समाज सहित हमारे देश का स्वस्थ विकास हो सके.

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