चेन्नई: तमिलनाडु की दिवंगत मुख्यमंत्री जे. जयललिता की पूर्व सहयोगी और आय से अधिक संपत्ति मामले में जेल की सजा काट रही वीके शशिकला ने बुधवार को बेंगलुरु की अदालत में 10 करोड़ रुपये का जुर्माना भर दिया है। उनके वकील ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा कि अब उनकी जेल से जल्द रिहाई की उम्मीद है। इस बीच तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी ने स्पष्ट किया है कि शशिकला की संभावित रिहाई से अन्नाद्रमुक के, उनसे और उनके परिवार से दूरी बनाए रखने के रुख में बदलाव नहीं होगा। उन्होंने कहा कि पार्टी और सरकार दोनों ही शशिकला से दूरी बनाकर रखेंगी।
कोयंबटूर में पलानीस्वामी ने कहा कि शशिकला के मामले में पार्टी के रुख में कोई बदलाव नहीं आया है। वहीं, शशिकला के वकील राजा सेंतुर पांडियन ने बताया कि 10 करोड़ रुपये के जुर्माने की राशि बेंगलुरु की अदालत में जमा कराई गई। उन्होंने बताया, ‘अदालत जल्द ही जेल प्राधिकारियों को जुर्माना राशि जमा कराने की सूचना देगी और मुझे उम्मीद है कि वह जल्द रिहा होंगी, यह रिहाई पूर्व निर्धारित तारीख 21 जनवरी 2021 से पहले होगी।’ कैदियों के अच्छे व्यवहार पर सजा कम करने के प्रावधान का हवाला देते हुए वकील ने विश्वास व्यक्त किया कि शशिकला को समय से पहले रिहा कर दिया जाएगा और इस संबंध में कानूनी प्रक्रिया जारी है।
बता दें कि शशिकला को 66 करोड़ रुपये की आय से अधिक संपत्ति के मामले में फरवरी 2017 में दोषी ठहराया गया था और सजा सुनाई गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने शशिकला तथा उनके दो रिश्तेदारों (वी एन सुधाकरन और जे इलावरासी) के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में निचली अदालत के फैसले को बहाल कर दिया था। इसके बाद उन्होंने 15 फरवरी 2017 को कर्नाटक की अदालत में सरेंडर कर दिया था। संपत्ति मामले में शशिकला के साथ उनके 2 रिश्तेदार भी बेंगलुरु की परापन्ना अग्रहारा केंद्रीय कारागार में 4 साल सामान्य कारावास की सजा काट रहे हैं। इन तीनों पर अदालत ने 10 करोड़ रुपये के अलावा 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया था। (भाषा)

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