नई दिल्ली: दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट भी चिंतित है। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को केंद्र सरकार से सुनिश्चित करने के लिए कहा कि दिल्ली-NCR में प्रदूषण युक्त धुंध न हो। इसके साथ ही, न्यायालय ने प्रदूषण संबंधी याचिकाओं पर दिवाली की छुट्टी के बाद सुनवाई करने का निर्णय लिया है।
वहीं, केंद्र सरकार ने भी वायु गुणवत्ता को लेकर अपनी चिंता जाहिर करते हुए उच्चतम न्यायालय में कहा कि वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए आयोग आज से काम करना शुरू कर रहा है। गौरतलब है कि केंद्र ने दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव एमएम कुट्टी को NCR में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया है।
बता दें कि राष्ट्रीय राजधानी में वायु की गुणवत्ता में गिरावट जारी है। सर्दियों के साथ ही दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण की समस्या गहराने लगी है। आस-पास के राज्यों में पराली जलाने से दिल्ली-एनसीआर की हवा लगातार प्रदूषित हो रही है। जहरीले धुंध की परत छाने के बीच वायु की गुणवत्ता शुक्रवार को ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज की गई।
केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार शुक्रवार सुबह आनंद विहार में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 422, आरकेपुरम में 407, द्वारका में 421, सेक्टर 8 और बवाना में 430, सभी ‘गंभीर श्रेणी’ में दर्ज किया गया। उल्लेखनीय है कि 0 और 50 के बीच एक्यूआई को ‘अच्छा’, 51 और 100 के बीच ‘संतोषजनक’, 101 और 200 के बीच ‘मध्यम’, 201 और 300 के बीच ‘खराब’, 301 और 400 के बीच ‘बेहद खराब’ और 401 से 500 के बीच ‘गंभीर’ माना जाता है।

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