पटना : बिहार विधानसभा चुनाव के तीसरे और आखिरी चरण के लिए प्रचार का दौर अब खत्म हो गया है. अब नेता घर-घर जाकर अपने लिए वोट मांगेंगे. तीसरे चरण में सीमांचल मुस्लिम बहुल है, जबकि कोसी का क्षेत्र यादव और ब्राह्मण बहुल है. ऐसे में सभी दलों ने अपने उम्मीदवार भी इसी समीकरण से उतारे हैं.
तीसरे चरण में पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया, मधेपुरा, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, सहरसा, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, वैशाली और समस्तीपुर जिलों की 78 सीटों पर मतदान होगा. इस दौर के लिए अब चुनाव प्रचार खत्म हो गया है. यहां शनिवार को वोटिंग होनी है.
कौन कितने सीटों पर चुनाव लड़ रहा
इस चरण की 78 सीट पर महागठबंधन की ओर से आरजेडी सबसे ज्यादा 46 सीटों पर चुनावी मैदान में हैं. जबकि 25 सीटों पर कांग्रेस के उम्मीदवार हैं. इसके अलावा महागठबंधन के सहयोगियों में सीपीआई (माले) पांच और सीपीआई ने दो सीटें पर अपने प्रत्याशी उतारे हैं.
जेडीयू के 37 उम्मीदवारों की किस्मत दांव पर
बात करें एनडीए की तो इस चरण में सबसे अधिक जेडीयू के 37 उम्मीदवार हैं. बीजेपी ने 35 सीटों पर प्रत्याशी उतारे हैं और वीआईपी की पांच और हम एक सीट पर ताल ठोक रही हैं. खास बात ये है कि इस चरण में ओवैसी और पप्पू यादव भी हैं.
सीटों का समीकरण
तीसरे चरण में जिन 78 सीटों पर चुनाव हो रहे हैं, उनमें सबसे ज्यादा सीटों पर नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू का कब्जा है. 2015 में महागठबंधन के साथ रहते हुए जेडीयू ने 31 उम्मीदवार मैदान में उतारे, जिसमें 23 सीटें जीतीं. जबकि, आरजेडी ने 30 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, जिसमें 20 सीटें जीती थीं. इसके अलावा इस चरण में कांग्रेस ने 17 में से 11 सीटें हासिल की थी. वहीं, बात करें एनडीए की तो बीजेपी ने 54 में से 20 सीटें जीती थी. इस चरण में एलजेपी ने भी अपने उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन उसका खाता भी नहीं खुला था. इसके अलावा अन्य को तीन सीटें मिली थीं और सीपीआई माले को एक सीट पर जीती मिली थी.
वोटों का अंतर
बदले राजनीतिक समीकरण के बीच एक बार फिर जेडीयू-बीजेपी एक साथ चुनावी मैदान में हैं. ऐसे में मौजूदा एनडीए के 43.83 फीसदी वोटों के साथ 43 सीटों पर कब्जा है, जिनमें बीजेपी, हम और वीआईपी पार्टी के भी वोट हैं. वहीं, महागठबंधन के पास 27.14 फीसदी वोटों के साथ 32 सीटें हैं. इस लिहाज से एनडीए और महागठबंधन के बीच करीब 16 फीसदी से ज्यादा वोटों का अंतर है.
दांव पर कई मंत्रियों की साख
तीसरे चरण में ही विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी समस्तीपुर के सरायरंजन से उम्मीदवार हैं. इनके अलावा नीतीश सरकार के आठ मंत्रियों के चुनावी भाग्य का भी फैसला होना है. इनमें सुपौल से ऊर्जा मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव, बेनीपट्टी से मंत्री विनोद नारायण झा, दरभंगा के बहादुरपुर से खाद्य मंत्री मदन सहनी, मुजफ्फरपुर में सुरेश शर्मा, लौकहा से लक्ष्मेश्वर राय, रूपौली से बीमा भारती, आलमनगर से नरेंद्र नारायण यादव, सिंहेश्वर से रमेश ऋषिदेव और कल्याणपुर से महेश्वर हजारी के नाम हैं.
इन दिग्गजों की किस्मत का फैसला
वहीं, अन्य प्रमुख उम्मीदवारों में केवटी से आरजेडी के अब्दुल बारी सिद्दीकी, बिहारीगंज से शरद यादव की पुत्री सुभाषिणी यादव, सहरसा से पूर्व सांसद आनंद मोहन की पत्नी लवली आनंद, मधेपुरा से जेडीयू के निखिल मंडल, नरकटियागंज से कांग्रेस के विनय वर्मा, रामनगर से पूर्व मंत्री राजेश राम के नाम हैं. वहीं, AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल इमान और मधेपुरा से पप्पू यादव की प्रतिष्ठा भी दांव पर है.
इन 78 सीटों पर चुनाव
वाल्मीकिनगर, रामनगर (सु.), नरकटियागंज, रूपौली, धमदाहा, पूर्णिया, कटिहार, कदवा, बलरामपुर, प्राणपुर, मनिहारी (एसटी), बरारी, कोढ़ा (एससी), आलमनगर, बिहारीगंज, सिंहेश्वर (एससी), मधेपुरा, सोनबरसा (एससी), सहरसा, सिमरी बख्तियारपुर, महिषी, दरभंगा, हायाघाट, बहादुरपुर, केवटी, जाले, गायघाट, औराई, बोचहा (एससी), सकरा (एससी), बगहा, लौरिया, सिकटा, रक्सौल, सुगौली, नरकटिया, मोतिहारी, चिरैया, ढाका, रीगा, बथनाहा (एससी), परिहार, सुरसंड, बाजपट्‌टी और हरलाखी है.
इसके अलावा बेनीपट्‌टी, खजौली, बाबूबरही, बिस्फी, लौकहा, निर्मली, पिपरा, सुपौल, त्रिवेणीगंज (एससी), छातापुर, नरपतगंज, रानीगंज (एससी), फारबिसगंज, अररिया, जोकीहाट, सिकटी, बहादुरगंज, ठाकुरगंज, किशनगंज, कोचाधामन, अमौर, वायसी, कसबा, बनमनखी (एससी), कुढ़नी, मुजफ्फरपुर, महुआ, पातेपुर (एससी), कल्याणपुर (एससी), वारिसनगर, समस्तीपुर, मोरवा, और सरायरंजन सीटें शामिल हैं.

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