हरदोई: जिले में 4 साल पूर्व चचेरी बहन के साथ दुष्कर्म के मामले में न्यायालय ने आरोपी को 20 साल की सजा सुनाई है और आर्थिक दंड भी लगाया है. अभियोजन पक्ष की ओर से की गई पैरवी के दौरान अपर जिला जज पॉक्सो एक्ट की अदालत में आरोपी पर लगाए गए आरोप सही पाए गए. इसके बाद न्यायालय ने आरोपी को 20 साल की सजा सुनाते हुए उस पर 10 हजार का अर्थदंड भी लगाया है. दरअसल प्रदेश सरकार के नारी सुरक्षा को लेकर मिशन शक्ति के तहत इस मुकदमे को लिया गया था, जिसके तहत न्यायालय ने सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया है. मामले में पीड़िता को न्याय मिलने के बाद महिला सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा साथ ही अपराधियों में भी खौफ पैदा होगा.
दुष्कर्मी को मिली 20 साल की कैद
कोतवाली हरपालपुर में 17 मार्च 2016 को मुकदमा दर्ज कराया गया था. पीड़िता के परिजनों ने बताया कि चचेरे भाई ने पीड़िता से साथ दुष्कर्म किया. इस मामले में न्यायालय में अभियोजन पक्ष की ओर से क्षितिज दीक्षित और अनुराग श्रीवास्तव ने पैरवी की जिसके बाद फैसला सुनाया गया.
मिशन शक्ति के तहत चयनित हुआ था केस
मामले को प्रदेश सरकार की ओर से चलाए जा रहे मिशन शक्ति अभियान के तहत चयनित किया गया था. अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी की गई, अपर जिला जज विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट दीपा राय की अदालत में मुकदमे की सुनवाई हुई. अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी करार दकरते हुए 20 साल की सजा और 10 हजार का जुर्माना अदा करने का आदेश दिया. जुर्माना न अदा करने पर आरोपी को डेढ़ साल अतिरिक्त सजा काटनी होगी.
जिला शासकीय अधिवक्ता ने दी जानकारी
जिला शासकीय अधिवक्ता रामचंद्र राजपूत ने बताया कि कोतवाली हरपालपुर में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी. पीड़िता ने अपने चचेरे भाई पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था. इस मामले को मिशन शक्ति के तहत चयनित किया गया. अभियोजन पक्ष की पैरवी अधिवक्ता क्षितिज दीक्षित और अनुराग श्रीवास्तव ने की. इनकी मेहनत से अपर जिला जज पॉक्सो एक्ट दीपा राय की अदालत में आरोपी को 20 साल की सजा सुनाई गई है. यह नारी सुरक्षा और सम्मान के लिए बहुत ही अच्छा फैसला आया है.

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