यूपी कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है. पार्टी की कद्दावर नेता व उन्नाव से सांसद रहीं अनु टंडन ने कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया. प्रेस रिलीज जारी कर अनु टंडन ने कांग्रेस में रहते हुए पंद्रह सालों में मिले सहयोग के लिए सोनिया गांधी का आभार जताया. इसके अलावा इस्तीफे में प्रदेश नेतृत्व से सहयोग नहीं मिलने का आरोप लगाया है. चर्चा है कि अनु टंडन समाजवादी पार्टी में शामिल हो सकती हैं.

लखनऊः 15 साल तक यूपी कांग्रेस के हाथ को मजबूत करती रहीं उन्नाव से कांग्रेस की पूर्व सांसद अनु टंडन ने कांग्रेस का साथ छोड़ने का फैसला ले लिया है. इसके अलावा कांग्रेस के प्रदेश महासचिव अंकित परिहार ने भी इस्तीफा दे दिया है. इन लोगों के साथ ही 50 अन्य पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है. इससे कांग्रेस को जोरदार झटका लगा है. अनु टंडन ने कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी को अपना इस्तीफा भेज दिया है. राष्ट्रीय अध्यक्ष को भेजे गए इस्तीफे में पूर्व सांसद समेत सभी पदाधिकारियों ने कांग्रेस के प्रदेश नेतृत्व पर सवाल खड़े किए हैं. इतना ही नहीं अनु टंडन ने राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी पर भी ध्यान न देने का आरोप लगाया है.
खिसकती जा रही है जमीन
एक तरफ उत्तर प्रदेश में प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू लगातार कांग्रेस को मजबूत करने में जुटे हुए हैं, वहीं दूसरी तरफ प्रदेश में कांग्रेस की जमीन खिसकती जा रही है. बड़े-बड़े नेता कांग्रेस पार्टी से बाहर जा रहे हैं. अब उन नेताओं में अनु टंडन का भी नाम शामिल हो गया है. अनु टंडन ने सोनिया गांधी को जो पत्र लिखा है उसमें उन्होंने सोनिया और राहुल के नेतृत्व की तो तारीफ की है,लेकिन प्रदेश नेतृत्व के साथ कोई तालमेल नहीं होने का आरोप लगाया है.
मीडिया मैनेजमेंट में लगा प्रदेश नेतृत्व
राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी को भेजे गए इस्तीफे में पूर्व सांसद अन्नू टंडन ने प्रदेश नेतृत्व पर आरोप लगाया कि 2019 का चुनाव हारना मेरे लिए इतना कष्टदायक नहीं रहा, जितना पार्टी संगठन की तबाही और उसे बिखरते हुए देखकर हो रहा है. प्रदेश का नेतृत्व सोशल मीडिया मैनेजमेंट और व्यक्तिगत ब्रांडिंग में लगा हुआ है. पार्टी के कार्यकर्ताओं के बिखर जाने का उनको कोई इल्म ही नहीं है. मेरे खिलाफ झूठा प्रचार सिर्फ वाह-वाही हासिल करने के लिए किया जा रहा है.  इसकी रोकथाम के लिए प्रदेश नेतृत्व द्वारा कोई कदम भी नहीं उठाया जा रहा जो मुझे आहत कर रहा है.
आरती बाजपेई भी हो सकती हैं इस्तीफे की वजह
कांग्रेस पार्टी ने विधानसभा उपचुनाव के लिए बांगरमऊ से ब्राह्मण चेहरे आरती बाजपेई को मैदान में उतारा है. आरती बाजपेई का भी खानदान राजनीति में रहा है और पार्टी अब उन्नाव में उन पर ज्यादा ध्यान दे रही है. शायद पूर्व सांसद अनु टंडन के इस्तीफे की यह भी एक बड़ी वजह हो सकती है.
सपा या भाजपा का दामन थाम सकती हैं अनु टंडन
कांग्रेस की पूर्व सांसद अनु टंडन कांग्रेस छोड़ने के बाद अब समाजवादी पार्टी या फिर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम सकती हैं, इसकी कवायद तेज हो गई है. पिछले लोकसभा चुनाव में भी उन्नाव से भाजपा प्रत्याशी के तौर पर अनु टंडन के चुनाव लड़ने की अटकलें लगाई गई थीं. तब बीजेपी ने उन्हें पार्टी में शामिल नहीं किया था, लेकिन अब कांग्रेस से इस्तीफे के बाद अनु टंडन भाजपा या सपा के साथ खड़ी नजर आ सकती हैं.

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