बरसों बरस से राम मंदिर की प्रतिष्ठïा की लड़ाई लड़ रहे कट्टर हिन्दूवादी राम विलास वेदान्ती जिनकी अहम भूमिका से भाजपा ने देश की बागडोर थामी थी, जिनके एक उद्घोष से संत समाज एक जुट होता रहा है लेकिन आज उनकी ही पार्टी भाजपा ने उन्हें पहले बस्ती फिर अम्बेडकर नगर और गोण्डा से चुनाव लड़ाने का वायदा किया था लेकिन उनको इनमें से किसी भी जगह से टिकट नहीं दिया गया। ऐसा क्यों हुआ कि पार्टी ने ऐसे जिताऊ कद्दावर हिन्दू नेता को अलग -थलग कर दिया। इन्ही कुछ मुद्दों पर हमारे वरिष्ठï सहयोगी मोहित सिंह ने राम विलास वेदान्ती की मर्माहत जानने की दूरभाष पर कोशिश की। प्रस्तुत है टिकट न मिलने से आहत रामविलास वेदान्ती की पीड़ा।
प्रश्न- आपको पहले बस्ती फिर अम्बेडकर नगर और गोण्डा से चुनाव लड़ाने की बात थी फिर अचानक ऐसा क्यों हुआ की आपको टिकट से वंचित कर दिया गया?
देखिये यह धोखेबाजी मेरे साथ दो लोगों ने की है पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह और प्रदेश प्रभारी अमित शाह नहीं चाहते कि साधू समाज को महत्व दिया जाए।
प्रश्न- आज जब संघ परिवार हर मामले में अपनी राय दे रहा हैतो आप के मामले में संघ ने विचार क्यों नहीं किया ?
अमित शाह और राजनाथ सिंह संघ को गलत फीडिंग करते रहे हैं खासतौर पर सन्त समाज के लोगों की।
प्रश्न- ऐसा आरोप आप लगा रहे हैं इसकी क्या सत्यता है?
मैं आपको बतादू ब्रजभूषण शरण सिंह , कीॢतवर्धन सिंह , हरिओम पाण्डेय ने चढ़ावा चढ़ाया है तबrambilasdas_171765 उन्हें टिकट थमाया गया है जब कि आप सभी जानते हैं कि ये प्रत्याशी कैसे हैं।
प्रश्न- आप कहे रहे हैं कि टिकट देने में धन ही का बोल बाला रहा यानि पैसे के दम पर कुछ प्रत्याशियों ने टिकट हासिल किया है?
हां बिल्कुल यह सत्य है कि अमित शाह व राजनाथ सिंह मोदी के लिए नहीं न ही पार्टी के लिए काम कर रहे हैं ये सिर्फ और सिर्फ अपना बैंक बैलन्स बढ़ा रहे हंै,इन्हें ना देश की चिन्ता है न पार्टी की न मोदी की।
प्रश्न- क्या आप मानते हैं कि जितनों को भी टिकट दिया गया है क्या वे जीतेंगे ?
हंसते हुए जितने भी टिकटों पर राजनाथ और अमित शाह ने मोहर लगाई है ये सभी पार्टी की लुटिया डुबो देंगे, नरेन्द्र मोदी की दिल्ली के रास्ते पर ये दोनों ही रोड़े डाल रहे हैं।

प्रश्न- मोदी के तो अमित शाह विश्वास पात्र हैं वो ऐसा क्यों करेंगे, मोदी ही तो शाह को उत्तर प्रदेश लाए हैं ?
पत्रकार बन्धु यही तो हमारा दुर्भाग्य है कि अमित शाह मोदी के विश्वास पात्र नहीं उनके विश्वासघाती सहयोगी है जिसका मोदी को भान नहीं है। वे कांग्रेस के हाथों में चार हजार करोड़ में बिक चुके हैं।
प्रश्न- मोदी को आखिर राजनाथ सिंह और शाह क्यों नहीं आगे बढऩे देना चाहते ?
गुजरात में मोदी ने अमित शाह को अपने मंत्री मण्डल में शामिल नही ंकिया था इसी की टीस वह निकाल रहे हैं । रही बात राजनाथ की तो वे तो उसी दिन से परेशान है जब से मोदी को पीएम बनाने का ऐलान किया गया था। वे मोदी को प्रधान मंत्री नहीं देखना चाहते।
प्रश्न-आप ने अमित शाह पर धन लेने को आरोप लगाया तो क्या राजनाथ सिंह ने भी ऐसा कुछ किया है या कर रहे हैं?
मैं जो कह रहा हूं वो बिल्कुल सोलह आने सत्य है। राजनाथ ने सपा,बसपा ,और कांग्रेस से गुप्त समझौता कर रखा है इन दलों के इशारे पर ही अमित शाह के साथ मिलकर ऐसे प्रत्याशियों को टिकट दिया है जो हराऊ साबित होंगे। इस में करोड़ो की डील हुई है। ये दोनों ही नेता भाजपा को गर्त में ढकेलने पर आमादा हैं
प्रश्न-अगर आप को पार्टी टिकट नहीं देगी तो क्या फिर भी आप चुनाव लड़ेंगे ?
हम भगवान राम और माता जानकी के भक्त ही नहीं हम उनकी संतान है मुझे टिकट पार्टी दे या न दे मैं चुनाव में जरूर उतरूंगा मेरे साथ भारत का सम्पूर्ण साधू समाज है। इन्होंने साधू समाज का घोर अपमान किया है। हम राम मंदिर के मुद्दे पर जो हिन्दुओं की आस्था है उस पर ही चुनाव लड़ेंगे।
प्रश्न- वेदान्ती जी क्या मोदी के प्रधान मंत्री की उम्मीदवारी पर खतरा मंडरा रहा है ?
खतरा तो मंडरा ही रहा है क्योंकि शाह औैर राजनाथ मोदी को किसी भी हाल में पीएम की कुर्सी पर देखना नहीं चाहते और तो और ये तो ये भी नहीं चाहते की संघ या पार्टी भारत में छाये ये तो संघ और भाजपा को बर्बाद करने पर तुले हैं।

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