लखनऊ: राजधानी स्थित लालबाग में गर्ल्स इंटर कॉलेज की जमीन पर अवैध तरीके से बने ड्रैगन मॉल को एलडीए ने फिर सील कर दिया है. दरअसल इससे पहले ड्रैगन मॉल को वर्ष 2017 में सील किया गया था. नियम के विरुद्ध आवासीय क्षेत्र में व्यावसायिक तथा मानचित्र के विपरित निर्माण करने पर मॉल को ध्वस्त किए जाने के आदेश दिये गए हैं. फिलहाल बारावफात के चलते पुलिस फोर्स न मिलने पर सीलिंग की कारवाई की गई तो वहीं बारावफात के बाद ध्वस्तीकरण की कारवाई की जाएगी.
बता दें कि ड्रैगन मॉल की शिकायत करीब चार साल पहले मुख्यमंत्री तक की गई थी. स्वीकृत मानचित्र जी प्लस दो मंजिल के विपरीत मॉल को चार मंजिल का बनाया गया है. पूर्व विहित प्राधिकारी वीबी मिश्र ने इस मॉल को सील करने के आदेश दिए थे. कॉलेज की जमीन पर मॉल बनाने के साथ ही डॉ. सुजा रोड पर अवैध तरीके से आलीशान ड्रैगन मार्ट बनकर तैयार हो गया. बाद में मॉल निर्माणकर्ता/ मैनेजर मो. सलीम की ओर से कहा गया कि इसके आसपास व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं. जोनल प्लान बदले जाने के लिए प्रमुख सचिव आवास के पास भी अनुरोध किया गया, लेकिन वहां से कोई जवाब नहीं आया है.
नोटिसों को किया नजरंदाज
ड्रैगन मॉल की शिकायत के बाद अनाधिकृत निर्माण को हटाने का आदेश दिया गया था. बावजूद इसके उन नोटिसों को नजरंदाज कर मॉल का संचालन जारी था. एलडीए के आदेश के बाद भी एलडीए के इंजीनियरों की मिलीभगत के चलते मॉल का संचालन निर्बाध रूप से किया जा रहा था. इसके बाद बुधवार को एलडीए का प्रवर्तन दस्ता मय फोर्स के साथ ड्रैगन मॉल सील करने पहुंचा तो विरोध का भी सामना करना पड़ा. इस दौरान विरोध के बावजूद प्राधिकरण के इंजीनियर एस एन शाक्य, कुलदीप त्यागी ने सील करने की कारवाई की.
यह है मामला…
लालबाग गर्ल्स इंटर कॉलेज लखनऊ की अचल संपत्ति यूपी एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस (प्रिवेंशन ऑफ डिपेंशन आफ असेट्स एक्ट 1974) में अंकित प्रावधानों के विरुद्ध हस्तांतरण किए जाने की संयुक्त जांच पूर्व अपर जिलाधिकारी नगर पूर्वी लखनऊ एवं सचिव लखनऊ विकास प्राधिकरण के द्वारा 22 मार्च, 2017 को की गई थी. इसमें यह पाया गया था कि लालबाग क्रिश्चियन एजुकेशनल सोसायटी है. एजुकेशन सोसायटी द्वारा नियमानुसार व्यावसायिक इकरारनामा अथवा विक्रय अभिलेख नहीं किया जा सकता है.

विहित प्राधिकारी ने दिया 9 पेज का आदेश
लखनऊ विकास प्राधिकरण की विहित प्राधिकारी/ संयुक्त सचिव ऋतु सुहास ने ड्रैगन मॉल को लेकर 9 पेज का आदेश पारित किया है. उन्होंने साक्ष्य व प्रमाणों के आधार पर आदेश पारित किया है कि धारा 16 के तहत आवासीय के विपरीत व्यावसायिक गतिविधि किये जाने के कारण धारा 26(2) के अंतर्गत, धारा 27 में आवासीय मानचित्र के विपरीत हाईकोर्ट के आदेश के क्रम में अनधिकृत सील भवन का निर्माण पूर्ण करने के साथ ही उसका इस्तेमाल करने पर कोर्ट के आदेश का उल्लंघन किया गया है, जिसको लेकर यह कार्रवाई की गई है.

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