नई दिल्ली. भारतीय सेना की पहुंच अब अमेरिका के विशाल सैटेलाइट नेटवर्क तक होगी, जिससे वह और अधिक सटीकता के साथ दुश्मन के ठिकानों को निशाना बना सकेगा। भारत और अमेरिका की सेनाओं ने रक्षा के लिए वास्तविक समय की जियोस्पेशियल (भू-स्थानिक) इंटेलीजेंस, नक्शों और सैटेलाइट इमेजेस को साझा करने के लिए एक समझौता करने का फैसला किया है।
भारत मंगलवार को 2 प्लस 2 मंत्रिस्तरीय संवाद के दौरान अमेरिका के साथ बेसिक एक्सचेंज एंड कोऑपरेशन एग्रीमेंट फॉर जियो-स्पेशियल कोऑपरेशन (बेका) के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर करेगा। यह समझौता रक्षा और अन्य उद्देश्यों के लिए सरकारों द्वारा उपयोग के लिए जियो-स्पेशियल खुफिया जानकारी के आदान-प्रदान से संबंधित है।
इसमें जीपीएस डेटा प्रोसेस करने और अक्षांश, देशांतर और ऊंचाई को विभिन्न फ्रेमों में संदर्भित करने के लिए समन्वय करना भी शामिल होगा। यह भारत को क्रूज और बैलिस्टिक मिसाइलों जैसे स्टैंड-ऑफ हथियारों की सटीकता के लिए अमेरिका के वैश्विक जियो-स्पेशियल नक्शों का उपयोग करने की भी अनुमति देगा।
बता दें कि सोमवार को नई दिल्ली में सैन्य मुद्दों पर हुई भारत-अमेरिका की वार्ता के दौरान यह निर्णय लिया गया। भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उनके अमेरिकी समकक्ष मार्क टी. ऐस्पर ने दोनों देशों के बीच 2 प्लस 2 संवाद से पहले विभिन्न रक्षा और सुरक्षा मुद्दों पर बातचीत की।
साउथ ब्लॉक में हुई इस द्विपक्षीय बैठक के बाद राजनाथ सिंह ने कहा कि यह वार्ता अच्छी रही और हमने कुछ अहम निर्णय लिए, इसका उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों में रक्षा सहयोग को और गहरा करना था। बैठक के बाद मंत्रालय ने कहा कि दोनों मंत्रियों ने सैन्य सहयोग, सुरक्षित संचार प्रणाली और सूचनाएं साझा करने, रक्षा व्यापार और औद्योगिक मुद्दों पर द्विपक्षीय रक्षा सहयोग की समीक्षा की और इसे आगे बढ़ाने के तरीकों पर भी चर्चा की।

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