सिंगापुर के इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन सेंटर (SIAC) ने फ्यूचर ग्रुप से कहा है कि वह रिलायंस के साथ अपने सौदे को तब तक के लिए रोक दे जब तक कि अमेजन की ओर से दायर अपील पर अंतिम फैसला न आ जाए. इस फैसले के बाद रिलायंस को अपना रिटेल बिजनेस बेच चुके फ्यूचर को बड़ा झटका लगा है. इकनॉमिक टाइम्स की एक खबर के मुताबिक फ्यूचर इंटरनेशनल अदालत के इस फैसले के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में अपील दायर कर सकता है. इस मामले के एक जानकार का कहना है जब तक कोई भारतीय अदालत इंटरनेशनल कोर्ट के फैसले का समर्थन न करे तब तक यह देश में लागू नहीं हो सकता.
अमेजन ने कहा, ‘फर्स्ट रिफ्यूजल’ का हक हमारे पास
अमेजन ने SIAC में दायर अपील में कहा है कि फ्यूचर ने अपने रिटेल बिजनेस को रिलायंस को बेचने में उसके साथ किए गए उस कॉन्ट्रेक्ट का उल्लंघन किया है, जिसके तहत उसने फ्यूचर में अप्रत्यक्ष हिस्सेदारी खरीदी थी. रिलायंस और फ्यूचर ने आपस में सौदा करने से पहले इसकी मंजूरी नहीं ली. लिहाजा दोनों के बीच का सौदा मान्य नहीं होगा. अमेजन को ‘ फर्स्ट रिफ्यूजल’ का विकल्प मिलना चाहिए. अमेजन ने पिछले साल फ्यूचर ग्रुप में अप्रत्यक्ष हिस्सेदारी खरीदी थी. अमेजन का कहना है कि करार के मुताबिक फ्यूचर बगैर अमेजन की अनुमति के रिलायंस या किसी ऐसी दूसरी कंपनी को अपनी हिस्सेदारी नहीं बेच सकती क्योंकि ‘ फर्स्ट रिफ्यूजल’ का अधिकार उसके पास है.
फ्यूचर रिटेल में अमेजन की 5 फीसदी हिस्सेदारी
इकनॉमिक टाइम्स की एक खबर के मुताबिक फ्यूचर ने रिलायंस रिटेल को अपनी हिस्सेदारी बेचने से पहले अमेजन की अनुमति नहीं ली, जबकि करार के मुताबिक फ्यूचर कूपन्स को अपनी हिस्सेदारी के लिए पहले उसके सामने पेशकश करना था. अमेजन के मुताबिक फ्यूचर कूपन्स के साथ उसके करार में साफ लिखा है बगैर उसकी अनुमति के किसी थर्ड पार्टी या कंपीटिटर को वह अपनी हिस्सेदारी नहीं बेच सकती. अमेजन की फ्यूचर रिटेल में पांच फीसदी हिस्सेदारी है. फ्यूचर रिटेल के तहत ही बिग बाजार और ईजी डे स्टोर का संचालन किया जाता है. पिछले साल अमेजन ने 1500 करोड़ रुपये में फ्यूचर कूपन्स की 5 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी थी.

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.