जम्मू: 26 अक्टूबर 1947 को जम्मू कश्मीर का भारत में पूरी तरह से विलय हो गया था और यह दिन जम्मू कश्मीर में विलय दिवस के तौर पर मनाया जाता है. इस बार यह दिन इसलिए भी खास है क्योंकि हाल ही में महबूबा मुफ्ती ने भारत के राष्ट्रीय ध्वज के खिलाफ आपत्तिजनक बयान दिए थे. जिसके खिलाफ आज जम्मू में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने प्रदेश का झंडा और प्रदेश का संविधान जला दिया. जम्मू में पीडीपी दफ्तर पर भी बीजेपी कार्यकर्ताओं ने तिरंगा फहराया.
बीजेपी कार्यकर्ताओं ने विलय दिवस को मनाने की तैयारियां शुरू की थी
जम्मू के तवी पुल पर सोमवार सुबह ही बीजेपी कार्यकर्ताओं ने विलय दिवस को मनाने की तैयारियां शुरू कर दी थी. इसी बीच तवी पुल पर बीजेपी के कुछ कार्यकर्ता जम्मू कश्मीर के प्रदेश झंडे और संविधान को लेकर आए और उसकी अर्थी निकाली. इसके थोड़ी सी देर बाद बीजेपी कार्यकर्ताओं ने तवी पुल के साथ सटे महाराजा हरि सिंह के स्टेचू के जूते से इस झंडे से साफ किए और भारत माता की जयघोष का नारा लगाया.
महबूबा के तिरंगे को लेकर दिए आपत्ति जनक बयान को बीजेपी कार्यकर्ताओं ने लिया आड़े हाथ
बीजेपी कार्यकर्ताओं ने महबूबा के उस बयान को आड़े हाथों लिया जिसमें महबूबा ने तिरंगे झंडे को लेकर आपत्ति जनक बयान दिए थे. बीजेपी कार्यकर्ताओं का दावा था कि अब प्रदेश में एक ही झंडा है और वह तिरंगा झंडा है और इसके अलावा कोई दूसरा झंडा यहां नहीं चलने देंगे. इसके बाद बीजेपी कार्यकर्ताओं ने प्रदेश के झंडे को फूंक दिया. बीजेपी कार्यकर्ताओं ने यह भी दावा किया कि वो जम्मू में गुप्कार घोषणा में शामिल किसी भी नेता को नहीं आने देंगे.

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