देश के उत्तरी भाग में सर्दी का प्रकोप बढ़ने के ​साथ ही प्रदूषण हवा को दिन ब दिन जहरीली बनाता जा रहा है। पंजाब हरियाणा के खेतों से उठ रहा पराली का धुंआ सबसे ज्यादा प्रभाव दिल्ली एनसीआर के शहरों पर डाल रहा है। अक्टूबर खत्म होने से पहले ही इस साल दिल्ली का दम घुटता नजर आ रहा है।
दिल्ली (AQI Level) के कुछ इलाकों में तो प्रदूषण का स्तर ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंच गया है। आज सुबह AQI बवाना में 422, मुंडका में 423, वजीरपुर में 409 और जहांगीर पुरी में 416 पहुंच गया। वहीं पुराने सभी स्तर तोड़ते हुए दिल्ली के आनंद विहार में आज सुबह AQI लेवल 834 दर्ज किया है। वहीं दिल्ली से सटे फरीदाबाद के सेक्टर 11 में ये आंकड़ा 900 से कुछ ही कम है।
मौसम विभगा के अनुसार फिलहाल दिल्ली की समग्र Air Quality Index 238 है जोकि मानक के आधार खराब है। अभी इसके और भी ज्यादा खराब होने की आशंका है। वायु गुणवत्ता का स्तर (Air Quality Index) गुरुग्राम के कुछ हिस्सों में ‘गंभीर’, फरीदाबाद, गौतम बुद्ध नगर और गाजियाबाद में ‘गंभीर’ के करीब दर्ज किया गया है।

 

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) के आधार पर दिल्ली के पड़ोसी जिलों में प्रदूषण के प्रमुख कारक पीएम 2.5 और पीएम 10 की मात्रा ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज की गई। वहीं, फरीदाबाद के सेक्टर 30 में एक्यूआई 383, न्यू इंडस्ट्रियल टाउन में 376, सेक्टर 16ए में 362, और सेक्टर 11 में 351 दर्ज किया गया।
दिल्ली में 8 महीनों में सबसे खराब हालात 
मौसम विज्ञान केंद्र के अधिकारियों के अनुसार इस समय दिल्ली में पिछले आठ महीनों में दर्ज की गई सबसे खराब वायु गुणवत्ता रीडिंग थी। सुबह 11 बजे, दिल्ली का प्रति घंटा औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) रीडिंग 374 था, जो ‘बहुत खराब’ क्षेत्र में था।
जबकि समग्र AQI रीडिंग category गंभीर ’श्रेणी की और गिरावट आई, 35 निगरानी स्टेशनों में से 10 के अनुसार, कुछ क्षेत्रों में प्रदूषण का स्तर पहले ही 400-अंक को पार कर गया था। इन स्टेशनों में से नौ प्रदूषण हॉटस्पॉट में स्थित हैं, जहां सरकार गहन प्रदूषण नियंत्रण उपायों को तैनात करेगी।

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