exxxxxxयह तो आपको पता ही है कि व्यायाम करने से न केवल शरीर फिट रहता है, बल्कि मानसिक रूप से भी लाभ मिलता है। व्यायाम के संदर्भ में हाल ही में वाशिंगटन यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन और हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने एक नई खोज की है। इस खोज के अनुसार वैज्ञानिकों का कहना है कि शारीरिक रूप से सक्रिय रहने पर न केवल किशोरियों, बल्कि बड़ी उम्र की महिलाओं को भी स्तन कैंसर का खतरा नहीं रहता है। शोधकर्ताओं ने लंबे समय तक व्यायाम और स्तन कैंसर के संबंध पर व्यायाम किया। वैज्ञानिकों ने इस शोध के लिए 12 से लेकर 35 वर्ष की करीब 65,000 महिलाओं को चुना। इन सभी महिलाओं से नियमित रूप से व्यायाम करने के लिए कहा। वैज्ञानिकों ने इन महिलाओं पर लगातार छह वर्ष तक नजर रखी। यही नहीं इनका कुछ माह के अंतराल पर नियमित चेकअप भी होता रहा। इन 65,000 महिलाओं में से मात्र 550 महिलाओं को स्तन कैंसर संबंधी समस्या उत्पन्न हुई। शोधकर्ताओं का कहना था कि इससे पता चलता है कि व्यायाम करना कितना फायदेमंद है। गौरतलब है कि पूरी दुनिया में महिलाओं को सबसे ज्यादा अपनी चपेट में लेने वाली बीमारी है स्तन कैंसर। चिकित्सकों का कहना है कि यदि कम उम्र की लड़कियों को नित्य व्यायाम के लिए प्रेरित किया जाए, तो आगे चलकर उनको पीरियड संबंधी समस्या नहीं होती। साथ ही पीरियड भी देर से शुरू होते हैं। चिकित्सकों के अनुसार नियमित व्यायाम करने से महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन नामक हार्मोन का स्त्राव कम होता है। जब इस हार्मोन का स्त्राव बढ़ जाता है, तब स्तन कैंसर होने का खतरा भी बढ़ जाता है। वाशिंगटन यूनिवर्सिटी के प्रमुख शोधकर्ता प्रोफेसर ग्राहम कोलित्ज का कहना है कि यदि हम लड़कियों और महिलाओं को व्यायाम के लिए प्रेरित करें, तो स्तन कैंसर से होने वाली मौतों का प्रतिशत काफी कम किया जा सकता है।

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