नयी दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने शुक्रवार को कहा कि देश में कोविड-19 महामारी की स्थिति को निर्धारित करने में अगले तीन महीने निर्णायक होने जा रहे हैं। साथ ही, उन्होंने लोगों से आगामी त्योहारों के दौरान और सर्दियों के मौसम में पूरा एहतियात बरतने का अनुरोध किया। उन्होंने इस बात का भी जिक्र किया कि देश में कोविड-19 के उपचाराधीन मरीजों की संख्या सात लाख से कम है और संक्रमण के मामलों के दुगना होने में लगने वाला समय बढ़ कर 97.2 दिन हो गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि वर्धन ने कोविड-19 को लेकर तैयारियों की उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य एवं मेडिकल शिक्षा मंत्रियों तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा की।
बयान के मुताबिक केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पिछले तीन महीने में देश ने कोविड-19 से निपटने में उल्लेखनीय प्रगति की है। बयान में उनके हवाले से कहा गया है, ‘‘एक दिन में कोविड-19 के 95,000 से अधिक नये मामले सामने आये थे, जो घट कर प्रतिदिन 55,000 से भी कम रह गये हैं। इस रोग से उबरने की दर 90 प्रतिशत के करीब है। इस महामारी से होने वाली मृत्यु की दर (सीएफआर) भी घट रही है। सीएफआर 1.51 प्रतिशत है और यह एक प्रतिशत से भी कम के लक्ष्य की ओर अग्रसर है। ’’ देश में कोविड-19 की जांच लिये सिर्फ एक प्रयोगशाला थी, जो अब बढ़ कर करीब 2,000 हो गई है। देशभर में की गई जांच की संख्या 10 करोड़ के आंकड़े को पार कर गई है। केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘यह एक सकारात्मक संकेत है कि हम सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। ’’
उन्होंने कहा कि हालांकि, संक्रामक रोग से निपटने के लिये उपयुक्त कदम उठाये जा रहे हैं। ‘‘लेकिन अगले तीन महीने देश में कोविड-19 की स्थिति को निर्धारित करने में निर्णायक होने जा रहे हैं। यदि हमनें आने वाले त्योहारों के दौरान और सर्दियों के मौसम में पर्याप्त एहतियात बरता और कोविड-19 से जुड़े दिशानिर्देशों का पालन किया, तो हम कोरोना वायरस का मुकाबला करने में बेहतर स्थिति में होंगे। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य के लिये यह बहुत जरूरी हो जाता है कि अधिकतम जोर सार्वजनिक स्थानों पर मास्क पहनने, हाथ स्वच्छ रखने तथाछींकते या खांसते समय नाक-मुंह ढंकने सहित सामान्य एहतियाती उपायों पर जोर दिया जाए, जो काफी हद तक संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिये कारगर उपाय हैं। ’’
वर्धन ने उन जिलों के अधिकारियों से भी बात की, जहां कोविड-19 के नये मामले सामने आये हैं या इससे होने वाली मौतों की संख्या बढ़ रही है। बयान के मुताबिक मंत्री ने कहा कि आज की तारीख में उत्तर प्रदेश में (कोरोना से) मृत्यु दर 1.46 प्रतिशत है जो राष्ट्रीय औसत से कम है। इस रोग से राज्य में उबरने की दर (92.2 प्रतिशत) भी राष्ट्रीय औसत से अधिक है। उन्होंने देश के उत्तरी हिस्से के राज्यों में जांच, निगरानी, संपर्क में आये लोगों का पता लगाने तथा समय रहते संक्रमण का पता लगाने पर जोर दिया, ताकि इस महामारी से होने वाली मृत्यु की दर को कम रखा जा सके।
कोविड-19 संक्रमण दर में गिरावट जारी, अबतक 10 करोड़ से अधिक जांच हुई
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि पिछले 24 घंटे में 14,42,722 परीक्षण किये जाने के साथ ही कोविड-19 का पता लगाने के लिए देश में 10 करोड़ से अधिक परीक्षण किये जा चुके हैं तथा संक्रमण दर में भी गिरावट जारी है। उसने कहा कि लगातार बड़े पैमाने पर परीक्षण से राष्ट्रीय संक्रमण दर में कमी लाने में मदद भी मिली है। मंत्रालय ने कहा, ‘‘ इससे संकेत मिलता है कि इस संक्रमण के फैलने की दर को प्रभाव ढंग से नियंत्रण रखा जा रहा है। कुल जांच 10 करोड़ के पार जाने के साथ ही संक्रमण दर में गिरावट जारी है।’’
उसने कहा कि फिलहाल राष्ट्रीय कोविड-19 संक्रमण दर 7.75 फीसद है। उसके अनुसार यह केंद्र सरकार की सफल ‘जांच, पता लगाओ, उपचार करो और प्रौद्योगिकी’ रणनीति का परिणाम है जिसका राज्य एवं केंद्रशासित प्रदेश पालन कर रहे हैं। मंत्रालय का कहना था कि महाराष्ट्र, केरल, चंडीगढ़, गोवा, कर्नाटक , आंध्रप्रदेश, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल और दिल्ली समेत 15 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों में राष्ट्रीय आंकड़े की तुलना मेंकोविड-19 संक्रमण दर अधिक है जो इस बात का संकेत है कि इन क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर जांच की जरूरत है। आखिरी एक करोड़ जांच पिछले नौ दिनों में हुई हैं। व्यापक क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर जांच से संक्रमितों की जल्द पहचान हो पायी और उसके संपर्कों में आने वालों का पता लगाया गया। संक्रमितों का समुचित उपचार किया गया। मृत्युदर में कमी आयी।
भारत बायोटेक 26 हजार स्वयंसेवियों पर करेगी कोविड-19 टीके के तीसरे चरण का परीक्षण
भारत बायोटेक कंपनी ने शुक्रवार को कहा कि कोविड-19 के उसके टीके ‘कोवैक्सीन’ के पहले और दूसरे चरण के परीक्षणों का अंतरिम विश्लेषण सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है और अब 26 हजार स्वयंसेवियों पर तीसरे चरण के परीक्षण की शुरुआत की जा रही है। टीका निर्माता ने एक बयान में कहा, ‘‘टीके ‘कोवैक्सीन’ के पहले और दूसरे चरण के चिकित्सकीय परीक्षणों का अंतरिम विश्लेषण सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद भारत बायोटेक को समूचे भारत में 25 से अधिक केंद्रों में 26,000 स्वयंसेवियों पर तीसरे चरण का परीक्षण करने की औषधि महानियंत्रक से स्वीकृति मिल गई है।’’
भारत बायोटेक ‘कोवैक्सीन’ का विकास भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद और राष्ट्रीय विषाणु संस्थान के साथ मिलकर कर रही है। सूत्रों ने बताया कि हैदराबाद आधारित टीका निर्माता कंपनी ने गत दो अक्टूबर को भारत के औषधि महानियंत्रक से टीके के तीसरे चरण के परीक्षण की शुरुआत की अनुमति मांगी थी। औषधि महानियंत्रक ने जुलाई में भारत बायोटेक को टीके के पहले और दूसरे चरण के चिकित्सकीय परीक्षण शुरू करने की अनुमति दी थी।

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