नई दिल्ली। पहले से महंगे चल रहे प्याज की रिटेल कीमतों में आने वाले दिनों में और बढ़ोतरी की आशंका बढ़ गई है क्योंकि थोक बाजार में इसका भाव इस साल की ऊंचाई पर पहुंच गया है। देश में प्याज के कारोबार के लिए सबसे बड़ी मंडी महाराष्ट्र के लासलगांव में मंगलवार को प्याज का थोक भाव 7100 रुपए प्रति क्विंटल दर्ज किया गया है जो दिसंबर 2019 के बाद सबसे अधिक कीमतें हैं। थोक बाजार में भाव बढ़ने की वजह से अब रिटेल में भी कीमतों में इजाफा होने की आशंका जताई जा रही है।
दिल्ली की बड़ी फल सब्जी मंडी आजादपुर में आलू-प्याज व्यापारी एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र शर्मा ने बताया कि फिलहाल नवरात्र की वजह से मांग कम है और दिल्ली में प्याज सस्ता है लेकिन पिछले 4-5 दिन से मंडी में रोजाना 2 रुपए प्रति किलो तक दाम बढ़ने लगे हैं और ऐसी आशंका है कि नवरात्र के बाद दिल्ली मों भी मांग बढ़ सकती है। राजेंद्र शर्मा ने बताया कि महाराट्र और दक्षिण भारत के राज्यों में बेमौसम बरसात की वजह से प्याज की फसल को नुकसान हुआ है।
सरकार ने हालांकि प्याज की कीमतों में बढ़ोतरी को भांपते हुए पहले ही निर्यात पर रोक लगा दी थी लेकिन हाल ही में सीमित मात्रा में कुछ प्याज की किस्मों के निर्यात को अनुमती दी है। हालांकि निर्यात होने वाले प्याज की मात्रा बहुत ही कम है। देश में प्याज के उत्पादन की बात करें तो सरकार ने इस साल जून में जो अनुमान जारी किया था उसके मुताबिक फसल वर्ष 2019-20 के दौरान देश में 267.38 लाख टन प्याज का उत्पादन अनुमानित है जबकि 2018-19 के दौरान देश में 228.19 लाख टन प्याज पैदा हुआ था। लेकिन ऐसी आशंका है हाल के दिनों में महाराष्ट्र दक्षिण भारत के राज्यों में प्याज की फसल को नुकसान पहुंचा है जिस वजह से आगे चलकर सप्लाई प्रभावित हो सकती है और इसी आशंका की वजह से दाम बढ़ रहे हैं।

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