पटना: बिहार विधान सभा चुनाव के लिए तमाम पार्टियों ने तैयारियां पूरी कर ली हैं. अब बारी चुनाव प्रचार की है. इसी कड़ी में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा आज पहली प्रचार सभा गया में करेंगें. और इसकी शुरुआत के पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष पहुंचे पटना के हनुमान मंदिर, पूजा  करने बाद नड्डा पहुंचे अपने गुरु और राजनीति के स्तंभ जय प्रकाश नारायण के आवास.
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने किया गुरु जेपी को कुछ ऐसे याद
जय प्रकाश नारायण के शिष्य भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा पहुंचे पटना के कदमकुआँ में स्थित जे पी आवास पर, जहां पहुंचते अपने छात्र जीवन की यादों में खो गए. अपने गुरु को याद करते हुए नड्डा ने कहा , आज हमारे पूज्य जे पी जी के निवास स्थान पर उनके जन्मदिवस पर आने का शौभग्य मुझे मिला. यहां आकर युवा काल के दिन याद आ गये. जब मैं कॉलेज में पढता था उस वक़्त जे पी आन्दोलन की गूंज देश में व्याप्त थी, और उसका उदगम स्थान ये जे पी आवास हीं था.
यहीं से जेपी ने भाई भतीजावाद और भ्रष्टाचार वाली कांग्रेस को जड़ से हिलाने की शुरुआत की थी. उस दौरान जे पी के साथ कितनी यातनाएं हुई मगर वो झुके नही. जे पी की गिरफ्तारी के बाद भी हम लोग यहां आ कर आन्दोलन बढ़ाया करते थे. मुझे जो तस्वीर दी गयी वो इसी जगह की हैं जहाँ मैं खड़ा हुँ, यहां देश भर की शिक्षा व्यवस्था को लेकर सभा हुई थी ये वही तस्वीर है.
यहीं नाना देशमुख ने जेपी से आशीर्वाद लेकर राजनीति से लिया था सन्यास
पुराने दिनों को याद करते हुए नड्डा ने कहा ये वही जगह है जहां नाना देशमुख भी जे पी से आशीर्वाद लेने आये थे और राजनीति से सन्यास का एलान कर सामाजिक कार्य में जाने का निर्णय लिया था, जिसका मैं चश्मदीद गवाह हूं. नाना देशमुख का भी आज जन्मदिन है. दोनो को मेरा नमन है. मैं शौभाग्यवान हूं, मुझे उस स्थान पर फिर आ कर प्रेरणा लेने का मौका मिला है . जे पी ना सत्ता के लिये झुके ना सत्ता से झुके. हमें सन् 1974 भूल ना जाना का नारा याद रखना होगा.
इस जगह थी राजनीति की पाठशाला,  1974  से  1977   तक यहाँ हमेशा आना होता था. जे पी नड्डा ने ये भी कहा कि यहां आने से ऊर्जा मिलती है. इस घर में मैं हर रोज आया करता था. इस दौरान इन्हें उस वक़्त की तस्वीर भी भेंट की गयी. चलते चलते नड्डा ने कहा. जे पी की राह पर चलना ही हमारा उद्देश्य है,और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जेपी के सपनों को पूरा कर रहे हैं इसलिए बिहार चुनाव के प्रचार की शुरुआत के पहले उस जगह का दर्शन करने आया हूं क्योंकि यही हमारी कर्मभूमि है.

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