हाथरस में 14 सितंबर को हुए गैंग रेप मामले में पीड़ित युवती की मौत के बाद अब राज्य सरकार हरकत में आ गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले में एक एसआईटी के गठन का निर्णरू लिया है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने बुधवार को ट्वीट कर बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाथरस की घटना पर जांच हेतु तीन सदस्यीय SIT गठित की गई है। यह एसआईटी सचिव गृह भगवान स्वरूप की अध्यक्षता में तैयार की गई है। इसके साथ ही इस एसआईटी टीम में पुलिस उपमहानिरीक्षक चंद्रप्रकाश व सेनानायक पीएसी आगरा पूनम को शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री की ओर से निर्देश हैं कि यह SIT अपनी रिपोर्ट 7 दिन में प्रस्तुत करेगी।
कथित गैंग रेप की शिकार युवती का मंगलवार देर रात भारी विवाद के बीच अंतिम संस्कार कर दिया गया। तनाव को देखते हुए युवती के परिवारजनों के बिना ही रात 2.45 बजे अंतिम संस्कार कर दिया गया। बता दें कि गंभीर हालत में करीब 15 दिनों तक जिंदगी और मौत के बीच जूझने के बाद पीड़िता ने दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में मंगलवार सुबह दम तोड़ दिया था। युवती के साथ गांव के कई लोगों द्वारा रेप करने आरोप है। पुलिस इस मामले में 4 लोगों को गिरफ्तार भी कर चुकी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार दिल्ली से करीब रात 12 बजे पुलिस की टीम युवती का शव लेकर उसके गांव हाथरस के बुल गढ़ी पहुंची। युवती का शव पहुंचते ही पूरा गांव उमड़ पड़ा। पुलिस युवती के शव को सीधे श्मशान भूमि ले जाना चाहती थी। लेकिन गांव की महिलाओं ने एंबुलेंस का रास्ता रोक लिया। इस बीच पुलिस और परिवार के लोगों में नोकझोंक भी हुई। बाद में पुलिस दूसरे रास्ते से शव को श्मशान भूमि ले गई।
प्रियंका गांधी ने सीएम योगी आदित्यनाथ से मांगा इस्तीफा
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने हाथरस गैंगरेप मामले में यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने पूरे मामले को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस्तीफा मांगा है। उन्होंने ट्वीट कर कहा- ‘रात को 2.30 बजे परिजन गिड़गिड़ाते रहे लेकिन हाथरस की पीड़िता के शरीर को उप्र प्रशासन ने जबरन जला दिया। जब वह जीवित थी तब सरकार ने उसे सुरक्षा नहीं दी। जब उस पर हमला हुआ सरकार ने समय पर इलाज नहीं दिया। पीड़िता की मृत्यु के बाद सरकार ने परिजनों से बेटी के अंतिम संस्कार का अधिकार छीना और मृतका को सम्मान तक नहीं दिया।’
14 सितंबर को हुआ था रेप 
हाथरस जिले के चंदपा थाना क्षेत्र स्थित एक गांव में 14 सितंबर को 19 साल की एक दलित लड़की के साथ कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म की वारदात हुई थी। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने कहा कि पीड़िता को घटना के बाद अलीगढ़ के जेएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था, सोमवार सुबह उसकी हालत गंभीर होने के कारण इलाज के लिये उसे दिल्ली भेजा गया था। मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों के अनुसार लड़की जीवन रक्षक प्रणाली पर थी।
रीढ़ की हड्डी टूटी जुबान कट गई
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि था कि वारदात के दौरान लड़की का गला भी दबाया गया था जिससे उसकी जुबान बाहर आ गयी थी और कट गयी थी। लड़की की हालत काफी गंभीर थी इस कारण उसे अलीगढ़ के जेएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। पुलिस अधीक्षक विक्रांतवीर के मुताबिक लड़की ने अपने साथ बलात्कार की वारदात के बारे में पुलिस को पहले कुछ नहीं बताया था मगर बाद में मजिस्ट्रेट को दिए गए बयान में उसने आरोप लगाया कि संदीप, रामू, लवकुश और रवि नामक युवकों ने उससे दुष्कर्म किया था। उन्होंने कहा कि वारदात के दौरान विरोध करने पर जान से मारने की कोशिश करते हुए उसका गला भी दबाया गया था।

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