सुनील जैन

  • युवक ने पुलिस प्रताड़ना के चलते फांसी लगाकर खुदकुशी की
  • युवक का फंदे से लटकते शव के पीछे की दीवार पर लिखा मिला सुसाइड नोट
  • थाना नाराहट के पुलिसकर्मी व गांव के लड़के को युवक ने अपनी मौत के लिए ठहराया जिम्मेदार
  • दीवार पर कोयले से लिखा- पुलिसकर्मी ने पिटाई कर छीने 20 हजार रुपए और मोबाइल
  • थानाध्यक्ष ने जांच का हवाला देकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा शव
ललितपुर। जनपद में पुलिस उत्पीड़न अबैध बसूली और प्रताड़ना के चलते एक और ग्रामीण नवयुवक ने अपने ही घर में फांसी के फंदे पर लटक कर अपनी जान दे दी और उसका सबसे बड़ा कारण यह रहा कि हुआ है पुलिस की प्रताड़ना और बेज्जती नहीं झेल सका।
हाल ही में ताजी घटना नाराहट थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम डोंगरा कला की है। जहां एक युवक ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। खुदकुशी करने से पहले युवक ने दीवार पर कोयले से सुसाइड नोट भी लिखा है। जिसमें उसने गांव के ही एक युवक सोहन के साथ थाने में तैनात कमल मुंसी पुलिसकर्मी को मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया है।
आरोप लगाया है कि सात सितंबर की रात उसे पुलिसकर्मी ने पीटा और 20 हजार रुपए और मोबाइल छीन लिया। थानाध्यक्ष आनंद पांडेय ने जांच का दावा किया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
बताया गया है कि जब बेटा को चाय देने कमरे में गया तो वहां का नजारा देखकर अपनी सुधबुध खो बैठा क्योकि सामने फांसी के फंदे पर उसका पिता लटक रहा था।
जानकारी के मुताबिक डोंगराकलां गांव निवासी 30 बर्षीय रामू पुत्र हल्के कुशवाहा का शव गुरुवार को उसके कमरे में फांसी के फंदे पर लटका मिला। जब रामू का बड़ा बेटा चाय देने के लिए उसके कमरे में गया तो पिता को फांसी के फंदे लटकता हुआ पाया।

 

उसकी चीख पुकार पर परिवार वाले भी मौके पर पहुंचे। सभी ने देखा कि दीवार पर कोयले से सुसाइड नोट लिखा हुआ था। जिसमें उसने लिखा कि वह पुलिस प्रताड़ना और उत्पीड़न की वजह से आत्महत्या कर रहा है क्योंकि पुलिस बाले कमल मुंशी ने उससे 20 हजार रुपयों का साथ मोबाइल भी छीन लिया इसके साथ ही उसे बेइज्जत भी किया। परिजनों की सूचना परसूचना मिलने पर थानाध्यक्ष नाराहट आनंद पांडेय पहुंचे और जांच कराने की कहकर कृत्य पर पर्दा डालने का काम किया।
मृतक के बड़े भाई श्रीराम कुशवाहा ने बताया कि उसका छोटा भाई रामू खेती किसानी करता था। बीते चार-पांच दिन पूर्व गांव के ही एक युवक सोहन से विवाद हो गया था, जिसके बाद उसने पुलिस से शिकायत की थी।
जिसमें पुलिस थाने ले गयी थी और उसके साथ मारपीट कर 20 हजार रुपए और मोबाइल छीन लिया था। रात भर थाने में बिठाकर उसे सुबह छोड़ दिया था। भाई ने आरोप लगाया कि इसी वजह से उसके भाई ने आत्महत्या की है। उसने बताया कि भाई के दो पुत्र हैं।
डीएम के नाम लिखा सुसाइड नोट:-
आत्महत्या करने से पहले रामू ने डीएम के नाम दीवार पर अपनी मौत के कारणों का खुलासा किया। लिखा कि, जिलाधिकारी महोदय मेरी मौत का जिम्मेदार सोहन और पुलिस है। कमल मुन्शी जो नाराहट के हैं, 7 सितम्बर 2020 से मुझे रोका और रात भर मारते रहे। मेरे 20 हजार रुपए और मोबाइल भी छीन लिया तथा मुझे मारा है।
हालांकि जब यह मामला थाना अध्यक्ष नाराहट के संज्ञान में लाया गया तब उन्होंने मामले पर पर्दा डालते हुए सिर्फ इतना कहा कि वह जांच कराएंगे जांच में जो आएगा उसके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।
गौरतलब है कि जनपद में आत्महत्याओं का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है।यहां पिछले तीन दिनों में आधा दर्जन से अधिक लोग फांसी के फंदे पर लटककर जान दे चुके है।जिनमें दो नावालिग किशोर भी शामिल है।
इसके पहले सीएमओ के ड्राइवर राजकुमार दुबे ने भी अबैध बसूली और प्रताड़ना के चलते सदर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत मोहल्ला आजादपुरा में अपने ही घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था और जिसमें कई नामी-गिरामी लोगों के साथ भाजपा के मंत्री का नाम भी आया था। जिसमें डीएम ने जांच कराने की बात कही थी।

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.