एनएन 24 डेस्क
चीन और भारत के बीच में खटास पैदा होने के बाद से चीन के बिजनेस पर काफी प्रभाव पड़ा है। अब उसका असर मार्केट में दिखने भी लगा है। कभी बहुत ही मशहूर रही टिकटॉक कंपनी अब बिकने की कगार पर आ गई है। जी हां, पिछले कुछ दिनों से माइक्रोसॉफ्ट द्वारा टिकटॉक को खरीदने की बात चल रही है। हालांकि अब इस डील में एक नया मोड़ आ गया है। चीनी कंपनी टिकटॉक को खरीदने के लिए वॉलमार्ट भी अब माइक्रोसॉफ्ट के साथ आ गई है। टिकटॉक कंपनी को जल्द ही दोनो कंपनियां साथ मिलकर खरीद सकती है। हालांकि, अभी तक दोनों ही टीमों की तरफ से ऐलान नहीं किया गया है।
टिकटॉक के संबंध में वॉलमार्ट कंपनी ने कहा है कि इस कदम से दोनों कंपनियों के व्यापार को मजबूती मिलेगी। बता दें कि ये दो कंपनियां पहले से भी साथ काम कर रही हैं। वॉलमार्ट माइक्रोसॉफ्ट के Azure क्लाउड प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करती है। इन दोनों कंपनियों द्वारा टिकटॉक को खरीदने की बात लगभग पक्की हो गई है। यही नहीं, कंपनियों के सामने आने के साथ ही अब न्यूयॉर्क में वॉलमार्ट के शेयर करीब 3.6 फीसदी उछलकर 135.47 डॉलर तक जा पहुंचे।
मेयर ने दे दिया इस्तीफा
टिकटॉक कंपनी में जल्द ही चार्ज संभालने वाले सीईओ केविन मेयर ने अब इस्तीफा दे दिया है। बता दें,दोनों ही बड़ी कंपनियां ऐसे समय में डील को फाइनल कर रही है, जब सीईओ के रूप में कोई हैं ही नहीं। केविन मेयर ने टिकटॉक कंपनी को मात्र तीन महीने पहले ही कंपनी ज्वाइन किया था। बता दें, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर टिकटॉक को अपना व्यवसाय समेटने की धमकी दे चुके हैं। उन्होंने कहा कि जल्द से जल्द कंपनी इस समस्या का समाधान करे नहीं तो अपना व्यवसाय समेटे। दरअसल चीन की इस कंपनी पर डाटा चुराने का आरोप लग चुका है जो कि सुरक्षा के लिहाज से बेहद खतरनाक है। बता दें, माइक्रोसॉफ्ट सिर्फ अमेरिका में ही टिकटॉक को खरीदने नहीं खरीदना चाहती है बल्कि ये कंपनी दुनियाभर के कई देशों जैसे कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में भी इस ऐप को पूरी तरह से खरीदने का प्लान कर रही है।

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