कुर्सी या बेड पर बैठने से कही ज्यादा फायदेमंद होता है फर्श पर बैठना. फर्श या जमीन पर बैठना दुनिया की कई संस्कृतियों का अहम हिस्सा भी रहा है. भारत में जमीन पर बैठकर खाने की प्रथा काफी पुरानी है. आज भी गांवों में लोग जमीन पर बैठकर खाना खाना पसंद करते हैं. मगर फर्श पर बैठने से सेहत को कई तरह के फायदे होते हैं. इससे पाचन में सुधार होता है और शरीर का लचीलापन बना रहता है. आइए जानते हैं कि जमीन पर बैठना क्यों फायदेमंद है और इससे सेहत को क्या फायदा पहुंचता है.
आजकल भले ही टेबल-कुर्सी पर खाना खाने का चलन शहरी तहजीब का हिस्सा समझा जाने लगा हो मगर फर्श पर बैठ कर खाने से सेहत पर अच्छा असर पड़ता है. दरअसल फर्श पर जिस तरह एक पैर को दूसरे पर रखकर बैठा जाता है यह एक तरह का आसन है. आसन की इस मुद्रा में बैठकर खाना खाने से पाचन क्रिया दुरुस्त बनी रहती है. इसके अलावा फर्श पर बैठेने के और भी फायदे होते हैं. फर्श पर बैठने से शरीर के निचले भाग की मांसपेशियों में खिंचाव पैदा होता है. यह आपके शरीर के लचीलेपन को बनाए रखने के लिए बहुत फायदेमंद होता है. इससे कूल्हों, पैरों में खिंचाव की वजह से शरीर का लचीलापन बढ़ता है. साथ ही पैरों में मजबूती आती है.
फर्श पर बैठने से पाचन क्रिया अच्छी रहती है. इससे पाचक रस बेहतर तरीके से अपना काम करते हैं. बैठने का इनके स्त्रावण पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है. साथ ही फर्श पर बैठने से वजन संतुलित रखने में भी मदद मिलती है.
परिवार के सभी सदस्य जब फर्श पर बैठकर एक साथ खाते या बातें करते हैं, तो उनके बीच का संबंध मजबूत होता है और प्यार बढ़ता है. साथ ही इस मुद्रा में बैठने से शरीर की कई दिक्कतें दूर हो जाती हैं. हालांकि जिन लोगों को सेहत से जुड़ी दिक्कते हों उन्हें डॉक्टर की सलाह के बाद ही फर्श पर बैठने की आदत डालनी चाहिए.
फर्श पर बैठकर खाने से जहां हमारे व्यक्तित्व में निखार आता है, वहीं इससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है. इससे दिल सेहतमंद रहता है और इससे जुड़ी दिक्कतें होने की आशंका कम हो जाती है.

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