सुदीक्षा भाटी की मौत के मामले में बुलंदशहर के एसएसपी संतोष कुमार सिंह ने कुछ लोगों पर परिजनों को भड़काकर मामले को दूसरा रूप देने का आरोप लगाया है। एसएसपी के अनुसार पुलिस की जांच में अभी तक छेड़छाड़ का कोई मामला सामने नहीं आया है। चाचा द्वारा बाइक चलाने की बात भी मोबाइल लोकेशन के आधार पर गलत निकली है।

बुधवार को एसएसपी संतोष कुमार सिंह ने सुदीक्षा भाटी की मौत के मामले में करीब साढे़ पांच मिनट का बयान जारी कर जिला पुलिस का पक्ष रखा। एसएसपी ने बताया कि 10 अगस्त की सुबह 8.50 बजे औरंगाबाद क्षेत्र में गांव चरौरा मुस्तफाबाद के करीब एक दुखद हादसे में सुदीक्षा भाटी की मौत हो गई।

हादसे के वक्त सुदीक्षा का चचेरा भाई निगम भाटी बाइक चला रहा था। पुलिस की जांच में एक चश्मदीद हेमंत शर्मा निवासी गांव चरौरा मुस्तफाबाद मिला, जिसने बताया कि सामने से आ रहे दूध के टैंकर के चलते बुलेट सवार ने ब्रेक मारा, जिसके चलते सुदीक्षा वाली बाइक सामने अचानक रूकी बुलेट से टकरा गई। हैड इंजरी आने के कारण सुदीक्षा की मौत हो गई। एसएसपी ने बताया कि चचेरे भाई निगम भाटी ने हादसे के बाद जो बयान दिया, उसमें छेड़छाड़ का उल्लेख नहीं था। उस वक्त निगम भाटी ने एक तहरीर भी लिखी थी, किंतु बाद में उसने परिजनों के आने पर तहरीर देने की बात कहते हुए उसे वापस ले लिया।

उस तहरीर में उसने किसी प्रकार की छेड़छाड़ की कोई बात नहीं लिखी थी। पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजन दादरी क्षेत्र के गांव डेरी स्केनर स्थित घर ले गए। इसके बाद औरंगाबाद क्षेत्र में रहने वाले लड़की के मामा ने तहरीर दी, उस तहरीर में भी छेड़छाड़ का कोई उल्लेख नहीं था। परिजनों ने उस वक्त मुकदमा इसलिए नहीं लिखा कि कहीं सुदीक्षा के परिवारीजन कोई आपत्ति न करें और परिजनों की तहरीर का इंतजार किया गया।

कतिपय लोगों द्वारा मामले को अलग रूप देने का प्रयास किया गया। जो लड़का बाइक चला रहा था, उसने हाईस्कूल पास किया है और नाबालिग है। इसके चलते लोगों ने यह बताना शुरू किया कि लड़की के चाचा सतेंद्र भाटी बाइक चला रहे थे। जब पुलिस ने चाचा सतेंद्र के मोबाइल लोकेशन का पता लगाया तो 9.17 पर उनकी लोकेशन दादरी क्षेत्र में, 10.49 यानि दो घंटे बाद मौके पर पहुंचे। पुलिस के पास पूरा रूट चार्ट है। इसके बाद फिर इस पूरे मामले को नए रूप में पेश करने का प्रयास किया गया। एक झूठ को बार-बार दोहराया गया, जिसमें पुलिस को पार्टी के रूप में दिखाया जाने लगा। अभी तक की जांच में कहीं से छेड़छाड़ की घटना नहीं मिली है।

एसएसपी ने बताया कि तीसरी तहरीर सुदीक्षा के पिता की ओर से दी गई, उस आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया। इस तहरीर में बुलेट आगे-पीछे करने का उल्लेख किया गया है। पुलिस हर बिंदु पर जांच कर रही है। पांच टीमों को मामले के खुलासा करने में लगाया गया है। तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया है।

आरोपियों को नहीं जानती पुलिस
एसएसपी ने जारी बयान में यह भी कहा कि पुलिस रोजाना गंभीर धाराओं में अपराध दर्ज करती है। बालिका बेहद होनहार थी, उसकी मृत्यु पर पुलिस क्यों आरोपियों को बचाने का प्रयास करेगी। पुलिस आरोपियों को जानती तक नहीं है, ऐसे में उन्हें बचाने का क्यों प्रयास किया जाएगा। पुलिस पूरी निष्पक्षता एवं ईमानदारी के साथ कार्य कर रही है।

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