शायर और गीतकार राहत इंदौरी नहीं रहे, जानें उनके जाने पर लोगों ने क्या कहा

देश और दुनिया में अपनी शायरी का जादू चलाने वाले शायर राहत इंदौरी अब हमारे बीच में नहीं रहे। वह कोरोना से संक्रमित मशहूर शायर राहत इंदौरी का दिल का दौरा पड़ने के कारण निधन हो गया है। राहत इंदौरी को आज दिन में दो बार दिल का दौरा पड़ा था, आज उन्होंने 70 साल की उम्र में इंदौर के अरविंदो अस्पताल में अंतिम सांस ली। अभी कुछ दिनों पहले ही उन्होंने देश और दुनिया की खातिर अपना घर भी देने के लिए कहा था।

इंदौर के अरविंदो अस्पताल के डायरेक्टर विनोद भंडारी ने जानकारी देते हुए बताया कि उन्हें कई प्रकार की दिक्कते इलाज के दौरान सामने आई, जिसकी वजह उनकी हालत बिगड़ती चली गई। उन्होंने बताया कि उन्हें पायलेटर निमोनिया, 70 प्रतिशत लंग खराब, कोविड पॉजिटिव, हाईपर टेशंन, डायबिटिक शामिल हैं। वे परसो रात को किसी निजी अस्पताल से आए थे और आज दिल का दौरा पड़ा और सिवियर अटैक आया और उसके बाद एक बार रिवाईव भी हुए पर अभी उनका देहांत हो गया।

हमेश रहे उनके शेर अमर
शायर राहत इंदौरी ने कभी भी फिल्मी दुनिया में जमने और बसने के लिए जद्दोजहद नहीं की। वह मुशायरे के हमेशा ही किंग रहे हैं और रहेंगे। मुशायरे की दुनिया में उनका बहुत नाम रहा। अगर उनको किसी से सबसे ज्यादा लगाव था तो वो है उनका अपना शहर इंदौर। महेश भट्ट की ‘सर’ उनकी पहली फिल्म थी। ‘मुन्नाभाई एमबीबीएस’ जैसी फिल्म में हिट गाने लिखने वाले राहत इंदौरी को फिल्मी दुनिया कभी भी पूरी तरह से इस्तेमाल ही नहीं कर पाई। उनकी कुछ शुरुआती फिल्मों पर हमेशा ही नाकामी का ठप्पा लगा था। वह हजारों लोगों को अपने में डूबो देने वाली शायरी करते थे। जब वो डूबकर अपने शेर पढ़ते हैं तो हजारों लोगों का मजमा दीवाना-सा हो उठता था। जिन लोगों ने ये सब अपनी आंखों से देखा है, वो तो यही कहेंगे कि राहत की असल जगह फिल्मी संगीतकार का दरबार नहीं मुशायरे का मंच था। मगर अफसोस कि कोरोना काल में एक और सितारा इस दुनिया को छोड़कर चला गया है।

मध्यप्रदेश और देश के लिए अपूरणीय क्षति- सीएम शिवराज
मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने राहत इंदौरी के निधन पर शोक जताया है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा, ‘अपनी शायरी से लाखों-करोड़ों दिलों पर राज करने वाले मशहूर शायर, हरदिल अजीज श्री राहत इंदौरी का निधन मध्यप्रदेश और देश के लिए अपूरणीय क्षति है। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि उनकी आत्मा को शांति दें और उनके परिजनों और चाहने वालों को इस अपार दुःख को सहने की शक्ति दे।’

…राह के पत्थर से बढ़ कर कुछ नहीं हैं मंज़िलें

रास्ते आवाज़ देते हैं सफ़र जारी रखो
एक ही नदी के हैं ये दो किनारे दोस्तों
दोस्ताना ज़िंदगी से मौत से यारी रखो

राहत जी आप यूँ हमें छोड़ कर जाएंगे, सोचा न था। आप जिस दुनिया में भी हों, महफूज़ रहें, सफर जारी रहे।

कोरोना की वजह चला गया अपना शेर – कवि कुमार विश्वास
मशहूर शायर राहत इंदौरी को कोरोना होने की खबर सुनकर कवि और गीतकार कुमार विश्वास ने ट्वीट किया था। उन्होंने लिखा था, कोरोना अबकी बार गलत आदमी से भिड़ गया है। बता दें कि राहत इंदौरी ने खुद ट्वीट कर अपने कोरोना से संक्रमित होने की जानकारी दी थी।

मुफलिसी में गुजरा राहत साहब का बचपन
राहत इंदौरी के वालिद वालिद रिफअत उल्लाह 1942 में सोनकछ देवास जिले से इंदौर आए थे। राहत साहब का बचपन का नाम कामिल ही बीता था। बाद में इनका नाम बदलकर राहत उल्लाह कर दिया गया। वालिद ने इंदौर आने के बाद ऑटो चलाया। मिल में काम किया, लेकिन उन दिनों आर्थिक मंदी का दौर चल रहा था। 1939 से 1945 तक दूसरे विश्वयुद्ध का भारत पर भी असर पड़ा। अब राहत साहब के वालिद की नौकरी भी चली गई। हालात इतने खराब हो गए कि राहत साहब के परिवार को बेघर होना पड़ गया था। राहत इंदौरी ने बरकतुल्लाह यूनिवर्सिटी से उर्दू में एमए किया था। भोज यूनिवर्सिटी ने उन्हें उर्दू साहित्य में पीएचडी से नवाजा था। राहत ने मुन्ना भाई एमबीबीएस, मीनाक्षी, खुद्दार, नाराज, मर्डर, मिशन कश्मीर, करीब, बेगम जान, घातक, इश्क, जानम, सर, आशियां और मैं तेरा आशिक जैसी फिल्मों में गीत लिखे।

उन्होंने खुद ट्वीट कर कोरोना पॉजिटिव होने की जानकारी
कोरोना पॉ़जिटिव पाए जाने के बाद मशहूर शायर राहत इंदौरी को देर रात इंदौर के अरविंदो अस्पताल में भर्ती कराया गया था। ये जानकारी उन्होंने खुद ट्वीट कर दी थी। उन्होंने लिखा था, ‘कोविड के शुरुआती लक्षण दिखाई देने पर कल मेरा कोरोना टेस्ट किया गया, जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। ऑरविंदो हॉस्पिटल में एडमिट हूं, दुआ कीजिए जल्द से जल्द इस बीमारी को हरा दूं।’

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