कोरल कालीकट में जो विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ उसमें विमान के कप्तान विंग कमांडर दीपक वसंत साठे की भी मौत हो गई। उन्हें जानने वाले लोगों का कहना है कि वे भारतीय वायु सेना के बड़े फाइटर थे जिन्होंने अपने 22 साल के करियर के दौरान सोवियत मूल के मिग -21 लड़ाकू विमानों को उड़ाना सीख लिया था। 59 साल के दीपक साठे जिनकी विमान दुर्घटना में मौत हो गई उन्हें जून 1981 में हैदराबाद के पास डुंडीगल में वायु सेना अकादमी से ग्रेजुएट होने पर ‘स्वॉर्ड ऑफ ऑनर’  नाम का सम्मान मिला था। वे भारतीय वायु सेना के फाइटर, प्रतिष्ठित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, खडकवासला के पूर्व छात्र और निपुण पायलेट थे।
सेंटर फॉर एयर पावर स्टडीज  के रिटायर्ड एडिशनल कमिश्नर मनमोहन बहादुर कहते हैं, “यह दुख की बात है साठे मेरे साथ एयरक्राफ्ट एंड सिस्टम्स टेस्टिंग इस्टैब्लिशमेंट Ste (IAF की फ्लाइट टेस्टिंग इस्टैब्लिशमेंट) में काम करते थे. उनकी आत्मा को शांति मिले।” उन्हें जानने वाले आईएएफ के एक पुराने पायलट कहते हैं कि साठे जून 1981 में वायुसेना में आए और 2003 में चले गए। उन्होंने कहा, “वह एक बेहद कुशल पायलट थे  जिन्हें उड़ना पसंद था। वह कई युवा पायलटों के मेंटर थे।

एअर इंडिया एक्सप्रेस का विमान शुक्रवार शाम कोझिकोड हवाई पट्टी से फिसल कर घाटी में गिर गया और दो हिस्सों में टूट गया। इस दुर्घटना में कम से कम 17 लोगों की मौत हो गई। ये विमान 190 लोगों को दुबई से निकला था। घायल लोगों को अस्पतालों में ले जाया जा रहा है। बचाव कार्य अब भी जारी है।

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