सुनील कुमार जैन
ललितपुर। बंधुआ मजदूरी का शब्द सरकारी कागजों से भले ही हट गया हो, लेकिन गांवों में अब भी दबंग लोग अपनी रसूख का रौब गांठ रहे हैं। ऐसे ही उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले में एक दलित परिवार के बंधुआ मजूदरी करने से मना करने पर दबंगों ने लाठी-डंडे से पीट-पीटकर उसे लहूलुहान कर दिया। यही नहीं, दलित को जातिसूचक गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी भी दी। पीड़ित दलित बंधुआ मजदूरी करने से मना करने पर रात्रि को जब अपने घर लौट रहा था, तभी बीच रास्ते में रोककर बंधक बनाकर लाठी-डंडों से जमकर पीटपीट लहूलुहान कर दिया।
यही नहीं, साथ में रही उसकी पत्नी ने जब इस हरकत का विरोध किया तो लगभग आधा दर्जन दबंगों ने उसे लहूलुहान मरणासन्न हालत में बीच रास्ते छोड़कर फरार हो गए। जैसे-तैसे करके पीड़ित लहूलुहान की स्थिति जब वह गंभीर हालत में थानेदार की सामने पहुंचा, तो वहां पर भी उसकी नहीं सुनी गई। थानेदार ने दबंगों के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं और उनका पक्ष ही लेते हुए पीड़ित को धमकाने के बाद समझा-बुझाकर थाने से चलता कर दिया। अब पीड़ित न्याय के लिए इधर-उधर चक्कर काट रहा है, लेकिन अभी तक उसकी कहीं पर नहीं सुनी गई है।
दबंगई का यह मामला ललितपुर जिले के थाना सौजना के अंतर्गत ग्राम टीकरा का है। जहां पर गांव निवासी प्रसादी अहिरवार पुत्र रामदास अहिरवार ने थाना सोजना पुलिस को लिखित रूप से एक शिकायती पत्र दिया। जिसमें उसने बताया कि गांव में एक यादव जाति का दबंग परिवार है जो हरिजन और सवर्णों में भेदभाव रखकर लोगों से बंधुआ मजदूरी किस्म का काम करवाता है। जब उस परिवार के सूरज सिंह ने मुझसे मजदूरी करवाने के लिए कहा तब हमने मजदूरी करने से इंकार कर दिया। जिसके बाद सूरज सिंह भवानी सिंह राजेंद्र सिंह राम सिंह पुत्रगण पुत्र रामचरण यादव तथा नरेंद्र सिंह पुत्र सुरेंद्र सिंह सहित आधा दर्जन से अधिक दबंगों ने उसे बीच रास्ते में उस समय घेर लिया, जब वह 27 जुलाई को अपनी पत्नी के साथ मडावरा कस्बा से फसल में डालने वाली दवाई देकर रात्रि 8:00 बजे अपने घर वापस लौट रहा था।
सभी लोगों ने घेर कर ताबड़तोड़ लाठियों से प्रहार करना शुरू कर दिया, जिसके बाद बचाव में आई मेरी पत्नी को भी उन लोगों ने खूब मारा विरोध करने पर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर जमकर गाली-गलौज की। उसी समय उसका साला भी पीछे से आ रहा था जब उसने अपने जीजा को पिटता देखा तो उसने दबंगों को ललकारा। पत्नी का विरोध और साले की ललकार सुनकर सभी दबंग मौके पर जान से मारने की धमकी देते हुए वहां से फरार हो गए। जिसके बाद पीड़ित अपनी पत्नी के साथ किसी तरह थाना सोजना पहुंचा, जहां पर उसने लिखित शिकायत पत्र भी दिया। लेकिन वहां पर तैनात दरोगा ने दबंगों की सांठगांठ के चलते उन पर तो कोई कार्यवाही नहीं की अलबत्ता समझा-बुझाकर पीड़ित को ही चलता कर दिया।
पीड़ित लहूलुहान स्थिति में अब अपने गांव आया और उसी दिन से वह पुलिस थाने के चक्कर लगा रहा है। लेकिन दबंगों के खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया गया बल्कि सभी आरोपियों के खिलाफ सिर्फ 151 की कार्यवाही की गई, जबकि मामला जान से मारने के प्रयास का था, जिसमें उसे गंभीर चोटें भी आई। ऐसा आरोप पीड़ित परिवार का है। इतना ही नहीं पीड़ित परिवार ने तो यह भी आरोप लगाया है कि पुलिस उस पर अपना बयान बदलवाने का भी दबाव डाल रही है। पुलिस का कहना है कि सिर्फ दो लोगों के नाम लिखकर अपना शिकायती पत्र दो सभी के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं करेंगे।

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