हाईप्रोफाइल मामलों में केस न दर्ज करना, गुनाहगारों को बचाने, गिरफ्तारी नहीं करने, बेकसूरों को जेल भेजने, पैसे लेकर केस से आरोपितों के नाम निकालने के साथ तस्करों व माफियाओं को छोड़ने के आरोपों से खाकी के दामन अक्सर दागदार होते रहे हैं। बिहार के लाल एवं बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में मुंबई पुलिस भी इससे अछूती नहीं रह सकी।

सुशांत की गर्लफ्रेंड अभिनेत्री रिया चक्रवती समेत उनके परिजनों के खिलाफ राजीवनगर थाने में केस दर्ज कराने के साथ ही मुंबई पुलिस पर लापरवाही बरतने, सही तफ्तीश नहीं करने तथा गुनाहगारों को बचाने के जो आरोप लग रहे हैं, उससे मुंबई पुलिस का दामन दागदार हो उठा है, जिसे बेदाग कर पाना अभी आसान नहीं है।

सबूत जुटाने में जुटी है एसआईटी
केस दर्ज करने के बाद पटना से मुंबई गई एसआईटी आरोपितों के खिलाफ सबूत जुटाने में एड़ी-चोटी का जोर लगा रही है। आईजी रेंज संजय सिंह बताते हैं कि 25 जुलाई से अब तक एसआईटी सुशांत की बहन मीतू सिंह, उनके दोस्त मुकेश शेट्टी, कुक, गार्ड समेत पांच लोगों से अहम जानकारी ली है। इसी कड़ी में एसआईटी के हाथ महिंद्रा कोटक बैंक से सुशांत के खातों की डिटेल लग चुकी है। सबूत के लिए एसआईटी इलेक्ट्रानिक्स एफीडेंस यानी सीडीआर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, वीडियो फुटेज, स्पॉट डेथ की वीडियो रिकार्डिंग को भी हासिल करने की जुगत में है।

परिजनों ने इस तरह लगाए हैं आरोप
– इस पूरे प्रकरण में मुंबई पुलिस शुरुआती दौर से कर रही लापरवाही, दर्ज नहीं की रिपोर्ट : सुशांत के पिता

– मुंबई पुलिस पर भरोसा नहीं, इसलिए मुंबई पुलिस के समक्ष बयान दर्ज नहीं कराया : सुशांत की बहन मीतू

– मौत के बाद से ही जांच के नाम पर मुंबई पुलिस कर रही है लीपापोती : सुशांत के चाचा देव किशोर सिंह

-मुंबई पुलिस जांच के लिए पहुंची पटना पुलिस की गठित एसआईटी की नहीं कर रही सहयोग : बिहार पुलिस

दोस्त व बाडीगार्ड हो सकता है मुख्य गवाह
सूत्र बताते हैं कि सुशांत की जिंदगी में उनके दोस्त मुकेश शेट्टी भी अहम हिस्सा रहे हैं। पटना एसआईटी ने उनसे चार बार में करीब तीन घंटे गहन बातचीत है। यही नहीं, सुशांत के अंगरक्षक ने भी चुप्पी तोड़ दी है। पुलिस के साथ ही उसने मीडिया को भी बयान दिया है कि कि सुशांत सुसाइड नहीं कर सकते। उनका खर्च बेहद कम था। ऐसे में माना जा रहा कि एसआईटी सुशांत के दोस्त मुकेश शेट्टी व उनके बॉडीगार्ड को केस का मुख्य गवाह भी बना सकती है। आरोपितों से पूछताछ के लिए जरूरत पड़ने पर एसआईटी उन्हें 161 के तहत जल्द ही नोटिस भी दे सकती है।

दवा खाकर एसआईटी कर रही जांच
मुंबई पुलिस इस मामले को लेकर जितना लापरवाह थी, वहीं पटना की एसआईटी दिन-रात जांच में पसीना बहा रही है। पुलिस सूत्र बताते हैं कि मुंबई का पानी एसआईटी को शूट नहीं किया। इसके चलते टीम में शामिल दो इंस्पेक्टरों एम भारतीय व एक अन्य की हालत सर्दी-जुकाम व वायरल से नासाज हो गई। उन्हें डॉक्टरों को दिखाया गया। फिर भी दोनों इंस्पेक्टर अपने स्वास्थ्य की परवाह किए वरीय अफसरों के टास्क को पूरा करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं।

ट्वीटर पर टॉप ट्रेंड में रहा थैंक्यू बिहार पुलिस
सुशांत सिंह राजपूत की हत्या या आत्महत्या की मिस्ट्री सुलझाने के लिए पटना पुलिस मुंबई की खाक छान रही है। बैंक अकाउंट से लेकर मोबाइल नंबर की जांच की जा रही है। वह भी बिना मुंबई पुलिस की सहायता की।
एक उभरते हुए सितारे के मामले में बिहार पुलिस जिस कर्मठता से काम कर रही है। उस पर प्रत्येक बिहारी को गर्व है। शुक्रवार बिहार पुलिस पर गर्व, प्यार और भरोसा ट्वीटर पर खूब बरसा। बिहार पुलिस को शाबासी देने वालों की बाढ़ आ गई। शाम छह बजे तक थैंक्यू बिहार पुलिस ट्वीटर पर टॉप ट्रेंड में था। थैक्यू बिहार पुलिस के नाम एक लाख 31 हजार ट्वीट्स के साथ पहले स्थान पर था। दूसरे स्थान पर भी सुशांत सिंह राजपूत डेथ केस था। 75 हजार दो सौ ट्वीट्स हुए। शाम सात बजे रिया चक्रवर्ती का एक वीडियो ट्रेंड करने लगा। फिर भी बिहार पुलिस पहले नंबर पर ही ट्रेंड करता रहा। केस की जांच के लिए बिहार पुलिस को ऑटो का सहारा लेते हुए तस्वीर खूब शेयर की गई। एक-एक तस्वीर पर एक हजार से अधिक री-ट्वीट हुए।

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