लखनऊ। 
हरदोई से इलाज के लिए रेफर होकर आई तीन साल की रेप पीड़िता बच्ची व उसके परिजनों को रात भर सरकारी अस्पतालों के चक्कर काटना पड़ा। कोरोना का बहाना कर अस्पतालों ने बच्ची का इलाज करने से मना कर दिया। बुधवार सुबह विभूतिखण्ड पुलिस के हस्तक्षेप पर बच्ची को लोहिया अस्प्ताल में एडमिट किया गया। तब जाकर इलाज शुरू हो सका।

हरदोई में तीन साल की बच्ची से उसके ताऊ ने रेप किया था। इस मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करके बच्ची को जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। मासूम की हालत बिगड़ने पर वहां के डॉक्टरों ने उसे लखनऊ रेफर कर दिया। मंगलवार रात बच्ची के मां-पिता उसे एम्बुलेंस से लेकर लखनऊ पहुंचे। पहले वह लोग केजीएमयू गए, जहां कोरोना संक्रमण के चलते उसे भर्ती नहीं किया गया। इसके बाद सिविल अस्पताल और झलकारी बाई अस्पताल के चक्कर काटे। लेकिन, इन दोनों जगह भी बच्ची को भर्ती करने से मना कर दिया गया। अंत में बच्ची को लोहिया अस्पताल लाया गया। पर, यहां भी उसे भर्ती नहीं किया गया।

इंस्पेक्टर संजय शुक्ला ने बताया कि चौकी इंचार्ज को मामले की जानकारी हुई तो उन्होंने डॉक्टरों से बात करके बच्ची को भर्ती करवाया। वहीं, अस्पताल के प्रवक्ता डॉ. श्रीकेश सिंह का कहना है कि बच्ची की हालत गंभीर है। इलाज शुरू कर दिया गया है। ऑपरेशन कर दिया गया। उन्होंने बताया कि सुबह बच्ची को इमरजेंसी में भर्ती किया गया। रक्तस्राव अधिक होने से तबीयत बिगड़ी है।

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