रांची। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की तीन दिवसीय महत्वपूर्ण बैठक बुधवार से भोपाल में है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ मोहन भागवत, सरकार्यवाह भय्याजी जोशी सहित केंद्रीय टोली के कुछ सदस्यों की उपस्थिति में मंगलवार को बैठक के एजेंडे पर चर्चा की गई। कोरोना महामारी के कारण प्रांत प्रचारक बैठक स्थगित होने के कारण इस छोटी टोली की बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में मुख्य रूप से संघ के संगठनात्मक विषयों को लेकर चर्चा होगी। संघ सूत्रों के अनुसार आत्मनिर्भर भारत व अगले वर्ष होने वाले सरकार्यवाह के चुनाव को लेकर मंथन होगा।

संघ में प्रत्येक तीन वर्ष पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया से सरकार्यवाह का चुनाव होता है। अगले वर्ष मार्च में फिर से चुनाव होने हैं। इसके लिए नीचे के स्तर से जून जुलाई से ही चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। कोरोना संक्रमण को लेकर देश में जो अभी स्थिति है, उसे लेकर बैठक में चर्चा होगी कि चुनाव की प्रक्रिया कैसे पूरी की जाए। संघ की तीन प्रमुख बैठकों में से एक प्रांत प्रचारक बैठक प्रति वर्ष जून या जुलाई में होती है, परंतु इस बार कोरोना संक्रमण को देखते हुए उसे स्थगित कर दिया गया, क्योंकि उस बैठक में कम से कम 200 की संख्या हो जाती है।

संघ सूत्रों के अनुसार, भोपाल बैठक में जो भी चर्चाएं होंगी, उससे सभी प्रांतों को अवगत करा दिया जाएगा। वैसे कई अधिकारी इस बैठक से ऑनलाइन भी जुड़े हैं। भोपाल में हो रही बैठक में प्रतिनिधि सभा यानी मार्च से लेकर अब तक हुए संघ कार्य, शाखा विस्तार, वर्ष भर में संगठन में हुए खर्च का लेखा जोखा, केंद्रीय अधिकारियों का प्रवास व अगले एक वर्ष तक सभी प्रांतों द्वारा किए जाने वाले संघ कार्यो की चर्चा होगी।

इस बैठक में कोई भी बड़े निर्णय व राजनीतिक प्रस्ताव नहीं पारित किए जाएंगे। संघ सूत्रों के अनुसार, बैठक में कोरोना को लेकर समाज व देश की स्थिति, लॉकडाउन के समय संघ के स्वयंसेवक एवं अनुषांगिक संगठनों द्वारा चलाए गए राहत कार्य, घरों में चल रहे कुटुंब शाखा आदि विषयों पर चर्चा होगी। इस बार संघ शिक्षा वर्ग स्थगित रहने के कारण उसकी चर्चा बैठक में नहीं होगी। देश में जिस तरह से कोरोना का संक्रमण बढ़ता जा रहा है उसको लेकर संघ काफी चिंतित है। संघ प्रमुख मोहन भागवत ने अपने पिछले ऑनलाइन संबोधन में आत्मनिर्भर भारत पर जोर दिया था। स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग पर जोर दिया था। इस बैठक में उस विषय पर भी चर्चा होगी कि अब तक आत्मनिर्भर भारत अभियान को बढ़ाने के लिए संघ के साथ-साथ अनुषांगिक संगठनों ने क्या किया।

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