भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के एथिक्स ऑफिसर (आचरण अधिकारी) डीके जैन ने मंगलवार को बोर्ड के कर्मचारी मयंक पारिख को हितों के टकराव का दोषी पाया और उन्हें बीसीसीआई और मुंबई के छह क्रिकेट क्लबों के साथ उनकी भूमिका में से किसी एक को चुनने को कहा। मध्य प्रदेश क्रिकेट संघ के आजीवन सदस्य संजीव गुप्ता ने पारिख के खिलाफ हितों के टकराव की याचिका दायर की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि बोर्ड के प्रबंधक पारिख मुंबई के छह क्लबों/अकैडमी से जुड़े हुए हैं।

जैन ने अपने आदेश में कहा, ‘मैं इस बात को लेकर आश्वस्त हूं कि नियमों के अनुसार हितों के टकराव का मामला बनता है।’ उन्होंने कहा, ‘इसके हिसाब से, ये बीसीसीआई पर निर्भर करता है कि वो मयंक पारिख को इस्तीफा देने का मौका देती है या जिन क्लबों को लेकर सवाल उठा है उससे पारिख खुद को अलग करते हैं। जिससे यह सुनिश्चित होगा कि हितों के टकराव की स्थिति बीसीसीआई की संतुष्टि से हल हो गई हैं।’

उन्होंने कहा, ‘इस मामले में अगर पारिख पर्याप्त कदम उठाने में असफल रहे तो बीसीसीआई इसे सुनिश्चित करने के लिए उचित कार्रवाई कर सकती जिससे हितों के टकराव का यह मामला जल्द से जल्द खत्म हो जाए।’ बीसीसीआई के संविधान के मुताबिक, कोई भी व्यक्ति एक ही समय में एक से अधिक पद नहीं रह सकता हैं।

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