भगवान शिव कल्याणकारी हैं। उनकी आराधना समस्त मनोरथ को पूर्ण करती है। सावन शिवरात्रि पर भगवान शिव की आराधना करते समय उनके पूरे परिवार माता पार्वती, कार्तिकेय, श्री गणेश और उनके वाहन नंदी की संयुक्त रूप से पूजा करें। एक कलश शीतल जलधारा भी भोले बाबा को प्रसन्न कर देती है।

सावन शिवरात्रि पर सुबह स्नान कर श्वेत वस्त्र धारण कर भगवान शिव का अभिषेक करें। भगवान शिव पर अखंड चावल अर्पित करने से धन, समृद्धि की प्राप्ति होती है। तिल अर्पित करने से सभी पाप नष्ट हो जाते हैं। भगवान शिव को रुद्राभिषेक अति प्रिय है। गंगाजल द्वारा अभिषेक करने से भगवान शिव अति प्रसन्न होते हैं। शिवलिंग का दुग्धा अभिषेक एवं घृत से अभिषेक करने पर योग्य संतान की प्राप्ति होती है। ईख के रस से अभिषेक करने से धन संपदा की प्राप्ति होती है। शहद से शिवलिंग का अभिषेक करने से वैभव की प्राप्ति होती है। शिवलिंग पर केसर अर्पित करने से सौम्यता आती है। शिवलिंग पर इत्र अर्पित करने से मन पवित्र होता है। घी से अभिषेक करने से शक्ति बढ़ती है और शिवलिंग पर चंदन अर्पित करने से यश में वृद्धि होती है। सावन शिवरात्रि पर काले रंग के कपड़े न पहनें। कभी भी दो शिवलिंग की पूजा एक बार में न करें। शिवलिंग पर तुलसी, हल्‍दी या कुमकुम न चढ़ाएं। इस दिन किसी का भी अपमान न करें। अभिषेक के लिए तांबे के पात्र को छोड़कर किसी अन्य धातु के पात्र का उपयोग न करें।

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