भारतीय टीम के पूर्व कप्तान और सबसे सफल विकेटकीपर बल्लेबाज महेंद्र सिंह धौनी आज अपना 39वां जन्मदिन मना रहे हैं। वैसे तो ये उम्र क्रिकेट से रिटायरमेंट की हो जाती है, लेकिन उनके फैंस इस बात को स्वीकार नहीं कर रहे कि धौनी मैदान पर वापस नहीं लौटेंगे। खुद एमएस धौनी की फिटनेस इस बात की गवाही देती है कि वे कम से कम इंडियन प्रीमियर लीग यानी आइपीएल के जरिए फैंस का मनोरंजन कर पाएंगे।

खैर उनकी क्रिकेट में वापसी की बात को एक तरफ रखते हुए हम बात करने वाले हैं आज उनके सुनहरे नहीं, बल्कि हीरे की तरह चमकते करियर की। क्रिकेट के मैदान पर उन्होंने अपने खेल से ही नहीं, बल्कि अपने दिमाग से भी विरोधियों को पस्त किया हुआ है। एमएस धौनी दुनिया के इकलौते ऐसे कप्तान हैं, जिन्होंने आइसीसी टी20 वर्ल्ड कप, आइसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप और आइसीसी चैंपियंस ट्रॉफी जीती है। ये भारतीय क्रिकेट के इतिहास में खुद एक इतिहास है।

538 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके पूर्व भारतीय कप्तान और अनुभवी विकेटकीपर  महेंद्र सिंह धोनी आज ही के दिन यानी 7 जुलाई 1981 में पैदा हुए थे। दिसंबर 2004 में धोनी ने बांग्लादेश के खिलाफ वनडे में डेब्यू किया। एक साल बाद चेन्नई में श्रीलंका के खिलाफ उन्होंने टेस्ट में डेब्यू किया था। धोनी ने लगभग एक दशक से भी ज्यादा समय तक विकेटकीपर, बल्लेबाज, कप्तान हर तरह की भूमिका को बहुत ही जिम्मेदारी के साथ निभाया।

धोनी ने 90 टेस्ट मैचों में 38.09 की औसत से 4,876 रन बनाए। उन्होंने अबतक 350 वनडे इंटरनेशनल खेले हैं, जिनमें 50.57 की औसत से 10,773 रन बनाए हैं। धोनी ने भारत के लिए 98 टी-20 इंटरनेशनल मैचों में 37.60 की औसत से 1,617 रन बनाए हैं। धोनी ने भारत के लिए तीनों आईसीसी ट्रॉफी जीती हैं। आइए, धोनी के रिकॉर्ड्स और स्टैट्स पर एक नजर डालते हैं।

– महेंद्र सिंह धोनी भारत के चौथे और दुनिया के 12वें खिलाड़ी हैं, जिन्होंने वनडे में 10 हजार रन बनाए हैं। यह मुकाम उन्होंने 273 पारियों में जुलाई 2018 में इंग्लैंड के खिलाफ हासिल किया था।

– धोनी ने 2005 में श्रीलंका के खिलाफ अपना सर्वाधिक स्कोर 183 बनाया था। वह दुनिया के पांचवें बल्लेबाज हैं, जिन्होंने वनडे में 200 छक्के मारे हैं।

– टेस्ट क्रिकेट में 4000 रन बनाने वाले वह भारत के पहले विकेटकीपर हैं। उनका अधिकतम स्कोर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 224 है।

– तीनों फॉर्मैट में विकेट के पीछे उन्होंने 829 खिलाड़ियों को आउट किया है। वह दुनिया में दक्षिण अफ्रीका के मार्क बाउचर (998) और ऑस्ट्रेलिया के एडम गिलक्रिस्ट (829) से पीछे हैं।

– अपने करियर के शुरुआती दिनों में 2007 में उन्हें टी20 की कप्तानी सौंपी गई थी। धोनी की कप्तानी में ही भारत ने 2007 में पहला टी-20 वर्ल्ड कप जीता था।

– धोनी की कप्तानी में भारत ने 200 वनडे खेले। इनमें से 110 जीते और 74 हारे। धोनी ने 60 टेस्ट मैचों में भारत की कप्तानी की, जिनमें से 27 जीते। धोनी ने 72 टी-20 मैचों में कप्तानी करते हुए 41 में भारत को जीत दिलाई।

– महेंद्र सिंह धोनी ने भारत के लिए अब तक सबसे ज्यादा 200 वनडे में कप्तानी की है।

– महेंद्र सिंह धोनी को 2007 में खेलों के लिए दिया जाना वाला सर्वोच्च सम्मान राजीव गांधी खेल रत्न दिया गया।

– 2018 में महेंद्र सिंह  धोनी को तीसरा सर्वोच्च सिविलियन अवार्ड पद्म भूषण मिला था।

–  धोनी दुनिया के इकलौते ऐसे कप्तान हैं, जिनकी कप्तानी में टीम ने तीनों आईसीसी ट्रॉफी जीती हैं। 2007 टी-20 वर्ल्ड कप, 2011 वनडे वर्ल्ड कप और 2013 चैंपियंस ट्रॉफी के खिताब भारत ने धोनी की ही कप्तानी में जीते हैं।

– महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) को तीन बार खिताब जितवाया है। धोनी ने आईपीएल के 190 मैच में 42.40 की शानदार औसत से 4432 रन बनाए हैं।

– बतौर कप्तान आईपीएल में महेंद्र सिंह धोनी ने सबसे ज्यादा 104 मैच जीते हैं। इसमें चेन्नई सुपर किंग्स के लिए 99 और पुणे सुपर जाएंट्स टीम के लिए 5 मैच शामिल हैं।

– महेंद्र सिंह धोनी के नाम आईपीएल में सबसे ज्यादा 9 बार फाइनल खेलने का रिकॉर्ड दर्ज है। इसमें उन्होंने चेन्नई की ओर से 8 बार फाइनल खेलते हुए टीम को 3 बार खिताब भी जिताया है।

एमएस धौनी दुनिया के इकलौते ऐसे खिलाड़ी हैं जो 140 से ज्यादा पारियों में नाबाद लौटे हैं। इसके अलावा मध्य क्रम में बल्लेबाजी करते हुए सबसे ज्यादा के औसत से रन बनाने का रिकॉर्ड भी उन्हीं के नाम है। इसके अलावा वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा बार नाबाद रहते हुए टीम को जिताने का विश्व रिकॉर्ड भी धौनी ने ही बनाया है। धौनी स्टंपिंग के मामले में भी बादशाह हैं। ऐसे ही कुछ आंकड़ों पर नजर डालें तो पता चलता है कि धौनी कितने महान खिलाड़ी हैं।

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