उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव के लिए जातिगत वोट बटोरने के प्रयास कर रही कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व मंत्री जितिन प्रसाद ने ब्राह्मणों की जिम्मेदारी अपने हाथ ली है। इसके लिए उन्होंने सामाजिक संगठन ब्राह्मण चेतना परिषद को माध्यम बनाया है। संगठन के संरक्षक के तौर पर समाज के लोगों को पत्र लिखकर उपेक्षा का अहसास कराने की कोशिश की है। साथ ही बताया है कि जल्द ही वह ब्रह्म चेतना संवाद कार्यक्रम शुरू करने जा रहे हैं।

तीन दशक में धीरे-धीरे कांग्रेस से वोटर इस कदर छिटके कि अब उत्तर प्रदेश में किसी भी समाज के वोट पर उसका प्रभाव नजर नहीं आता। इसे समझते हुए ही प्रदेश स्तर पर अलग-अलग नेता अपने-अपने समाज को कांग्रेस की ओर रिझाने के प्रयास में जुटे हैं। इसी क्रम में पूर्व मंत्री जितिन प्रसाद लगातार ब्राह्मणों के बीच सक्रिय हैं। पहले वह यात्रा कर चुके हैं और अब नए कार्यक्रम की रूपरेखा बनाई है। इसके लिए उन्होंने समाज के लोगों को पत्र लिखा है। इसमें कांग्रेस का कोई जिक्र तक नहीं है।

समाज के लोगों को यह पत्र सामाजिक संगठन ब्राह्मण चेतना परिषद के संरक्षक के रूप में भेजा है, लेकिन उसमें चर्चा राजनीतिक ही है। पूर्व मंत्री जितिन प्रसाद ने सरकार को कोसते हुए लिखा है कि इस सरकार में ब्राह्मणों की उपेक्षा हो रही है, उत्पीड़न हो रहा है। समाज को एकजुट होने की जरूरत है। हम आपसी मतभेद भुला दें, तभी खोया हुआ गौरव पा सकते हैं।

बता दें कि पारंपरिक रूप से ब्राह्मण कांग्रेस पार्टी के वोटर रहे हैं लेकिन, पिछले कुछ दशकों से कांग्रेस के पतन के बाद उत्तर प्रदेश की सियासत में वे अपना वर्चस्व तलाश रहे हैं। वर्ष 2019 के चुनाव के पहले भी जितिन प्रसाद ब्राह्मण सम्मेलन कर चुके हैं। उससे पहले लोकसभा चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी में जाने की खबरें जोरों पर थीं।

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