सीओ समेत आठ पुलिसकर्मियों का हत्यारोपी विकास दुबे के ऊपर एक लाख रुपये इनाम की घोषणा की गई है। घटना के बाद आईजी रेंज ने उस पर 50,000 के इनाम की घोषणा की थी। शनिवार को एडीजी जोन जेएन सिंह के पास इसकी रिपोर्ट बनाकर इनाम की रकम एक लाख कर दिए जाने की संस्तुति की गई है। जिस पर एडीजी के हस्ताक्षर होने के साथ ही इनाम राशि बढ़ा दी गई है।

18 आरोपों पर 25,000 का इनाम :

घटना में शामिल विकास के गुर्गे श्यामू बाजपेई, छोटू शुक्ला ,जेसीबी चालक मोनू, जहान यादव, दयाशंकर अग्निहोत्री, शशिकांत, पंडित शिव तिवारी, विष्णु पाल, राम सिंह, राम बाजपेई, अमर दुबे, प्रभात मिश्रा, गोपाल सैनी, वीरू भवन, शिवम दुबे, बालगोविंद और बउवा दुबे के खिलाफ 25,000 रुपये के इनाम की घोषणा की गई है।

गांव के सैकड़ों मकानों में लग गए ताले, हर तरफ सन्नाटा
घटना के बाद से विकास दुबे के गांव बिकरू से सैकड़ों परिवार घरों में ताला लगाकर चुपचाप भाग निकले हैं। लोगों में दहशत है कि पुलिस कहीं नजदीकी होने के नाते उनके खिलाफ भी कार्रवाई न कर दे। जो लोग गांव में हैं भी, वे घरों से नहीं निकल रहे। चारों ओर सन्नाटा छाया हुआ है। आपके अपने हिन्दुस्तान अखबार ने पूरे गांव का मुआयना किया तो सैकड़ों घरों में ताला लटका मिला। गाय-भैंस और बकरियां बाहर बंधी मिलीं। ऐसा लगा कि आनन-फानन में जान बचाकर परिवार भागे हैं। कई घरों के बाहर बंधे मवेशी भूख से बेहाल होकर चिल्लाए तो पड़ोसियों ने चारा दिया। जिन घरों में ताला नहीं है, वहां महिलाएं या बुजुर्ग ही मिले। वे भी घर के अंदर ही कैद हैं। पुरुष रिश्तेदारों या नजदीकी के यहां पलायन कर गए हैं। कई घरों में तो दहशत के चलते चूल्हे तक नहीं जले।

एक भी युवा नहीं मिला
दहशत का आलम यह है कि एक भी युवा गांव में नहीं है। ज्यादातर युवा सीधे विकास दुबे के घर से किसी न किसी माध्यम से जुड़े ही थे। बिकरू कांड के बाद परिजनों ने उन्हें रिश्तेदार या फिर किसी नजदीकी के यहां भेज दिया है। दो दिन से गांव में एक भी युवा नहीं दिखा।

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.