उत्तर प्रदेश सरकार ने जुलाई महीने में स्कूल और कॉलेजों को बंद करने के निर्देश दिए है। इसके बाद भी उत्तर प्रदेश में कोरोनाकाल के दौरान पहली और बड़ी परीक्षा बीएड प्रवेश परीक्षा कराने जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश में 29 जुलाई को बीएड की प्रवेश आयोजित होगी। प्रदेश के सभी बीएड कॉलेजों में प्रवेश के लिए हर साल राज्य स्तर पर आयोजित होने वाली इस परीक्षा को हर वर्ष कोई न कोई विश्वविद्यालय कराता है। इस बार इस परीक्षा को लखनऊ विश्वविद्यालय करा रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार ने इस कोरोनाकाल में ही प्रवेश परीक्ष को कराने के लिए विश्वविद्यालय को अनुमति दे दी है।
उत्तर प्रदेश सरकार पहली अगर किसी परीक्षा को आयोजित कराने जा रही है, तो वह है बीएड की प्रवेश परीक्षा। इस परीक्षा में 4.31 लाख विद्यार्थी शामिल होंगे। इतनी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को देखते हुए विश्वविद्यालय ने उसी स्तर पर तैयारी शुरू कर दी है। इस परीक्षा को कराने के लिए पूरे प्रदेश में हजारों की संख्या में सेंटर बनाए जाएंगे। परीक्षा के दौरान सभी सेंटरों पर सोशल डिस्टेंसिंग का भी पूरा ख्याल रखा जाएगा। बीएड प्रवेश परीक्षा का परिणाम 28 अगस्त को जारी होगा। कॉलेजों में प्रवेश की खातिर काउंसलिंग प्रक्रिया 14 सितम्बर को आयोजित होगी।
कोरोनाकाल में परीक्षा को कराने के लिए लखनऊ विश्वविद्यालय को शासन से मंजूरी मिल चुकी है। इस राज्य स्तरीय प्रवेश परीक्षा के लिए शासनादेश भी जारी हो चुका है। परीक्षा का आयोजन कहां-कहां पर और कौन-कौन से केंद्रों पर किया जाएगा, इसकी सूची 7 जुलाई तक उपलब्ध करा दी जाएगी। राज्य स्तरीय बीएड प्रवेश परीक्षा शासकीय महाविद्यालयों व विद्यालयों में ही कराई जाएगी। परीक्षा केंद्रों पर किसी भी प्रकार की धांधली को रोकने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगेंगे। यही नहीं परीक्षा से पहले सभी परीक्षा केंद्रों का सेनेटाइज किया जाएगा और सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन किया जाएगा।
कोरोनाकाल के दौरान योगी सरकार पहली बार बड़ी परीक्षा कराने जा रही है, जिसमें 4.31 लाख विद्यार्थी शामिल होंगे। ऐसे में अब परीक्षा केंद्रों पर विशेष निगरानी करनी होगी तथा सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों को पालन कराना भी किसी चुनौती से कम नहीं होगा। ऐसे में अब सरकार प्रत्येक जिले में परीक्षा के संचालन एवं पर्यवेक्षण के लिए एक संयुक्त समिति गठित करेगी। इस परीक्षा के लिए सभी केंद्रों पर एक सैनिटाइजेशन प्रभारी भी नियुक्त किए जाएंगे। परीक्षा केंद्रों पर सभी अभ्यर्थियों और कर्मचारियों के लिए फेस मास्क पहनना अनिवार्य होगा। विद्यार्थियों को परीक्षा केंद्र में थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही परीक्षा में बैठने की अनुमति मिलेगी। बता दें, यह परीक्षा पहले 8 अप्रैल को ही आयोजित होने वाली थी।

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