उत्तर प्रदेश के लाखों युवा नेताओं के लोकप्रिय नेता व समाजवादी पार्टी मुखिया अखिलेश यादव इस समय राजनीति में काफी सक्रिय है। योगी सरकार के कामों को जनता के बीच में रखने के लिए वह सोशल मीडिया से लेकर मीडिया तक का सहारा लेते रहते हैं। समाजवादी पार्टी की पूरी तरह से कमान संभाल चुके अखिलेश यादव के नेतृत्व में ही इस समय पूरे देश में उनकी पार्टी चल रही है। उनके ही नेतृत्व में इस समय पार्टी में निर्णय लिए जाते हैं। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का एक बार फिर से सत्ता पर काबिज होने के लिए मिशन-2022 में लग गए हैं। वह अपने कार्यकर्ताओं से कहते हैं कि अब उन्हें युवा नेता न कहा जाये वह पूरे नेता हैं। परिपक्व राजनेता के रूप में लगातार सत्ताधारी पर पर हमला बोल रहे हैं, तो वहीं उन्होंने जमीनी स्तर पर सपा को मजबूत करने के लिए पूरी पार्टी को ही चेंज कर दिया है।
पूर्व सीएम मुलायम सिंह यादव के बेटे
सपा के वर्तमान मुखिया अखिलेश यादव अपने पिता की विरासत को पूरी तरह से संभाल चुके हैं। वह पांच साल तक प्रदेश की सत्ता चला चुके हैं, तो फिर वहीं अब समाजवादी पार्टी की भी कमान पूरी तरह से संभाल चुके हैं। 2017 का विधानसभा चुनाव और 2019 का लोकसभा चुनाव उनके ही नेतृत्व में लड़ा गया। हालांकि उन्हें उस तरह से सफलता नहीं मिली है, जितनी उनको उम्मीद थी। यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव का जन्म उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव और उनकी पत्नी मालती देवी के यहां हुआ था। बचपन में प्यार से उन्हें लोग ‘टीपू’ कहकर पुकारते थे। अखिलेश यादव ने अपनी स्कूली शिक्षा राजस्थान के धौलपुर स्थित सैनिक स्कूल से पूरी की और स्नातक की पढ़ाई मैसूर विश्वविद्यालय से की। मैसूर से सिविल इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त करने के बाद उन्होंने सिडनी विश्वविद्यालय से पर्यावरण अभियान्त्रिकी (इंजीनियरिंग) की भी डिग्री प्राप्त की। 24 नवंबर, 1999 को डिंपल यादव के साथ में उनका विवाह हुआ।
2012 के विधानसभा चुनाव में किया कमाल
समाजवादी पार्टी की छवि बदलने और अपने चुनाव अभियान में आधुनिकता से परिचित करवाने का श्रेय सपा मुखिया अखिलेश यादव को ही दिया जाता है। 2012 का विधानसभा चुनाव जीतने के लिए उन्होंने आधुनिक तरीकों से रैली का आयोजन किया था। जनता को आकर्षित करने के लिए उन्होंने कार्यकर्ताओं के साथ में जमीनी स्तर पर तैयारी की थी। अखिलेश यादव ने राज्य भर में कई साइकिल रैलियों के साथ-साथ रथ यात्रा का आयोजन किया था। इसके अलावा कई सारे अभियान उनके नेतृत्व में चलाए गए थे। इसमें युवा मतदाताओं और सभी समुदायों के लोगों को अपनी तरफ आकर्षित करने के अभियान में वह काफी हद तक सफल हुए थे। इसका नतीजा यह रहा कि 2012 के विधानसभा चुनावों में समाजवादी पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनी। पार्टी ने कुल 403 सीटों में से 224 सीटों पर जीत हासिल की। ऐसा कहा जाता है कि अखिलेश यादव अपने दम पर ही 224 विधानसभा सीटों में से 97 सीटों पर कब्जा करने में सफल रहे थे। इस नतीजा यह रहा कि महज 38 साल की उम्र में ही उन्होंने यूपी के 20वें मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।
महज 27 साल की उम्र में बने सांसद
वर्तमान समाजवादी पार्टी के मुखिया के नाम जहां उत्तर प्रदेश का सबसे युवा मुख्यमंत्री होने का रिकॉर्ड है, तो वहीं संसद पहुंचने का भी एक रिकॉर्ड है। महज 27 साल की उम्र में ही समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव संसद पहुंच गए थे। उन्होंने कन्नौज लोकसभा सीट से उपचुनाव जीकर संसद में प्रवेश किया था। इसके बाद 2004 और 2009 के लोकसभा चुनाव में भी कन्नौज से ही सांसद चुने गए। इसके बाद वह 2012 में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने, तब उनकी उम्र महज 38 साल ही थी। उन्होंने एक रिकॉर्ड बनाया और उत्तर प्रदेश के सबसे छोटे मुख्यमंत्री के रूप में खिताब अर्जित किया। अब उन्हें समाजवादी पार्टी की युवा शक्ति के रूप में देखा जाता है।
2017 में भी की जमकर मेहनत
एक बार फिर से सत्ता पर काबिज होने के लिए सूबे के मुख्यमंत्री के रूप में अखिलेश यादव ने 2017 में जमकर मेहनत की थी। तीन-तीन बार लोकसभा चुनाव जीत चुके अखिलेश यादव ने इस विधानसभा चुनाव के दौरान साइकिल से 10,000 किलोमीटर की यात्रा की थी और यूपी में 800 रैलियों का आयोजन भी किया था। इस दौरान उन्होंने ‘काम बोलता है…’ का नारा भी दिया था। यही नहीं, ग्रामीण जीवन के विकास और किसानों की बेहतरी के लिए उन्होंने अपने कार्यकाल में कई सारी योजनाएं भी लॉन्च की थी। इस दौरान किसानों और गरीबों के कल्याण के लिए काम करने में उनकी सक्रिय भागीदारी रही। उत्तर प्रदेश की एक अलग और नई तस्वीर बनाने के लिए उन्होंने जमकर मेहनत की।
व्यक्तिगत जीवन परिचय
जन्मतिथि
1 जुलाई 1973
आयु (2020 के अनुसार) 47वर्ष
जन्मस्थान
सैफई, जिला इटावा, उत्तर प्रदेश
गृहनगर
सैफई, जिला इटावा, उत्तर प्रदेश
स्कूल/विद्यालय
धौलपुर मिलिट्री स्कूल, धौलपुर, राजस्थान
कॉलेज/महाविद्यालय/विश्वविद्यालय
मैसूर विश्वविद्यालय, मैसूर, कर्नाटक, भारत
सिडनी विश्वविद्यालय, ऑस्ट्रेलिया
शैक्षिक योग्यता
मास्टर डिग्री सिविल पर्यावरण इंजीनियरिंग में
मास्टर डिग्री पर्यावरण इंजीनियरिंग में
राजनीतिक यात्रा
2000: महज 27 साल की उम्र में ही उप-चुनाव में जीत हासिल, वह कन्नौज लोकसभा क्षेत्र से 13 वीं लोकसभा के सदस्य चुने गए।
2004: 14 वीं लोकसभा के चुनाव में भी वह लोकसभा के सदस्य के रूप में चुने गए।
2009: 15 वीं लोकसभा के चुनाव में भी वह सदस्य के रूप में कन्नौज सीट से ही सांसद चुने गए।
10 मार्च 2012: समाजवादी पार्टी की विधानसभा चुनाव में जीत के बाद उन्हें विधायकों ने अपना नेता चुना।
15 मार्च 2012: महज 38 वर्ष की उम्र में देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने।
2019: 17वीं लोकसभा में आजमगढ़ लोकसभा सीट से चुनाव जीतकर एक फिर संसद पहुंचें हैं।
कभी-कभी याद आ जाता है ‘बचपना’
उत्तर प्रदेश के सीएम की कुर्सी पर काबिज रह चुके अखिलेश यादव को बच्चों को देखते ही अपना ‘बचपना’ याद आ जाते हैं। आए वह बच्चों के साथ में क्रिकेट खेलने, पतंग उड़ाने और फुटबाल खेलने तक के समय में वह चर्चा में बने रहते हैं। यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कुछ दिन पहले मार्च महीने में अंसल ग्राउण्ड में युवाओं के साथ में क्रिकेट खेलते हुए नजर आए थे। यहां पर अर्जुनगंज और तेलीबाग की क्रिकेट टीमों के बीच में मैच हो रहा था और इसी दौरान वह यहां पर मैच खेल रहे थे। 2018 में सरकारी बंगला खाली करने के बाद भी वह बच्चों के साथ में लखनऊ के रिवर फ्रंट पर क्रिकेट खेलते हुए नजर आए थे। वह साइकिल चला रहे थे कि इसी दौरान उन्होंने वहां पर देखा कि बच्चे मैच खेल रहे हैं, तो वह भी बल्ला चलाने पहुंच गए।

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