उत्तराखंड के शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि कावड़ यात्रा के दौरान सामूहिक रूप से लोगों की हरिद्वार में आवाजाही बंद रहेगी लेकिन जो लोग अपने-अपने राज्यों से स्वीकृति लेकर आएंगे उन्हें यहां से जल भरकर ले जाने की इजाजत दी जाएगी।

वैश्विक महामारी कोरोना वायरस (कोविड-19) के मद्देनजर तीर्थ नगरी हरिद्वार में जुलाई में होने वाली देश की सबसे बड़ी धार्मिक यात्रा कावड़ यात्रा पर सरकार ने रोक लगा दी है। श्री कौशिक ने हालांकि स्पष्ट किया है की कावड़ यात्रा के दौरान सामूहिक रूप से लोगों की हरिद्वार में आवाजाही बंद रहेगी लेकिन जो लोग अपने-अपने राज्यों से स्वीकृति लेकर आएंगे उन्हें यहां से जल भरकर ले जाने की इजाजत होगी साथ ही परमिशन लेकर आने वाले लोग विधि विधान से यहां पर पूजा  एवं जलाभिषेक कर सकेंगे लेकिन किसी भी बड़े समूह के रूप में कावड़ यात्रा पर प्रतिबंध रहेगा।

उन्होंने कहा की सभी कोरोना महामारी के संकट से अवगत हैं ऐसे में सभी राज्य सरकारों से बात करके यह निर्णय लिया गया है अब यह अन्य राज्य सरकारों पर निर्भर है वे किस रूप में यहां लोगों को जल भरने के लिए भेजते हैं। वहीं हरिद्वार के व्यापारियों एवं होटल एसोसिएशन के सदस्यों ने पुरी की जगन्नाथ यात्रा की तरह प्रतिबंधों के साथ सीमित रूप में कावड़ यात्रा चलाने की मांग की है जिला व्यापार मंडल के अध्यक्ष सुरेश गुलाटी का कहना है कि जिस प्रकार जगन्नाथ यात्रा उच्चतम न्यायालय के आदेशों के बाद सीमित रूप में चलाने की इजाजत दी गई उसी तरह कोई ना कोई रास्ता निकाल कर यह कावड़ यात्रा भी बड़े रूप में न चला कर बहुत ही सूक्ष्म में रूप में चलाई जाए और छोटे-छोटे  जत्था  के रूप में कावड़ यात्रियों को प्रवेश दिया जाए इसके लिए जो भी नियम सरकार बनाना चाहिए उसमें व्यापार मंडल सहयोग करेगा साथ ही उन्होंने कोरोना महामारी के चलते देश में लागू लॉकडाउन के कारण व्यापारियों के लिए हुए नुकसान की भरपाई के लिए सरकार से राहत के रूप में आर्थिक पैकेज की भी मांग की है।

हरिद्वार बजट होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष कुलदीप शमार् का कहना है का कावड़ यात्रा लोगों की धार्मिक आस्था से जुड़ी है इस पर पूर्णतया प्रतिबंध लगाना उचित नहीं है अत: पुरी की जगन्नाथ यात्रा की तरह  सीमित रूप में इस यात्रा को चलाने की इजाजत दी जाए साथ ही जो भी दिशा निदेर्श सरकार इस संबंध में जारी करेगी सभी व्यापारी एवं होटल व्यवसायी उसका पूर्णतया पालन करेंगे। उन्होंने कहा उत्तराखंड सहित हरिद्वार के व्यापारियों एवं होटल व्यवसायियों की आजीविका पर्यटन व्यवसाय से चलती है अत: लंबे समय तक यहां यात्रियों पर प्रतिबंध लगाने से यहां के व्यापारियों को बहुत ही आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है जिससे व्यापारियों को अपनी आजीविका चलाना काफी मुश्किल हो  गया है।

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