लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अधिक संक्रमण वाले ग्यारह जिलों को लेकर हाल ही में तैनात किए गए नोडल अधिकारियों के फीडबैक पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संतोष जताया है। सीएम योगी ने उनसे कहा है कि उन्होंने जो रिपोर्ट दी है, उसके आधार पर सरकार पूरी कार्रवाई करेगी। साथ ही अधिकारियों से कहा कि सर्विलांस सिस्टम को मजबूत करते हुए लोगों को समझाएं कि कोरोना बीमारी है, कोई कलंक नहीं है। जिस किसी को भी संक्रमण का संदेह हो, वह सामने आकर जांच कराए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में अधिक संक्रमण के मामले वाले ग्यारह जिलों आगरा, मेरठ, कानपुर नगर, अलीगढ़, गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, मुरादाबाद, फीरोजाबाद, बुलंदशहर, झांसी और बस्ती के लिए नोडल अधिकारियों की टीम बनाकर वहां भेजी। उनसे संक्रमण बढ़ने के कारणों पर तीन दिन में रिपोर्ट तैयार करने के लिए कहा था। उन सभी नोडल अधिकारियों के साथ गुरुवार को अपने आवास से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बात की। नोडल अधिकारियों द्वारा किए जा रहे काम और फीडबैक पर संतोष जताते हुए सीएम योगी ने कहा कि सभी जिलों में सिविल डिफेंस, एनसीसी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और आशा वर्कर को जोड़कर सर्विलांस सिस्टम को मजबूत करें। इन्हें बेहतर प्रशिक्षण भी दें।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लोगों को समझाएं कि कोरोना से डरें नहीं, बल्कि सावधानी रखें। पुलिस भी शारीरिक दूरी और नाइट कर्फ्यू का सख्ती से पालन कराए, क्योंकि अनलॉक का मतलब पूरी स्वतंत्रता नहीं है। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि नोडल अधिकारी सुनिश्चित करें कि एंबुलेंस का रेस्पांस टाइम अच्छा हो, अन्यथा सेवा का संचालन कर रही एजेंसी पर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही अस्पतालों से समन्वय स्थापित करें, ताकि रेफर किए मरीज का वक्त बर्बाद ना हो।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कई जिलों ने सीमित संसाधनों में भी बेहतर काम किया है। सभी जिलों में कोविड हेल्पडेस्क मजबूत करें, ट्रूनेट मशीनों से जल्द टेस्टिंग करें और पल्स ऑक्सीमीटर व जरूरी उपकरणों की उपलब्धता रहे। इसके अलावा जरूरत पड़े तो हम एल-1 अस्पतालों में आयुष डॉक्टरों की सेवा भी ले सकते हैं। अंत में मुख्यमंत्री ने नोडल अधिकारियों से कहा कि रविवार तक संबंधित जिलों में रुकें, वह उनसे फिर बात करेंगे।

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.